मुंबई के KM कुंदनानी कीर्ति कॉलेज के छात्रों को अनिवार्य रूप से 4 अक्टूबर को विश्व हिंदू परिषद के ‘लव जिहाद’ जैसे विषय पर होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहा था. इसको लेकर छात्रों जमकर विरोध किया, जिसके बाद कॉलेज ने अपना फैसला वापस ले लिया. अब इस मामले को लेकर मुंबई यूनिवर्सिटी ने नोटिस जारी किया है और कॉलेज से 8 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है.

दरअसल, छात्रों ने आरोप लगाया था कि NSS और NCC के आधिकारिक ग्रुप्स में एक नोटिस भेजा गया, जिसमें उन्हें VHP के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहा गया. यह कार्यक्रम VHP के दिवंगत नेता अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के मौके पर षण्मुखानंद सभागार में आयोजित किया जा रहा था. छात्रों ने ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज के प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर चिंता जताई थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालिया कार्यक्रम में धर्मपरिवर्तन और लव जिहाद, सांस्कृतिक संरक्षण और एक मजबूत, जिम्मेदार और मूल्यों पर आधारित भारत का निर्माण जैसे विषयों पर सेशन शामिल हैं.

छात्रों ने लगाए थे कॉलेज पर गंभीर आरोप

छात्रों का कहना था कि अगर VHP कोई कार्यक्रम कर रही है, तो उन्हें अपनी ही राजनीतिक पार्टी के लोगों को इसमें शामिल करना चाहिए. NSS या NCC ग्रुप में ऐसे मैसेज पोस्ट करना छात्रों को गुमराह करने जैसा है. अगर प्रोग्राम का मकसद जानकारी देना होता तो कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन जब टॉपिक्स में ‘लव जिहाद’ और दूसरे राजनीतिक या धार्मिक मुद्दे शामिल हों, तो हमें समझ नहीं आता कि कॉलेज के छात्रों को इसमें क्यों शामिल किया जाना चाहिए?

छात्रों का आरोप था कि NSS और NCC चैनलों के ज़रिए ऐसे प्रोग्राम बारबार दिखाए जाने से ऐसा लग सकता है कि इसमें हिस्सा लेना जरूरी है. ऐसा एकदो बार हुआ, लेकिन जब यह बारबार होता है, तो जबरदस्ती जैसा लगने लगता है. यहां तक कि जब छात्र मना करते हैं, तब भी शामिल होने का दबाव बनाया जाता है.

युवासेना ने कुलसचिव से की थी शिकायत

वहीं, युवा सेना के नेता और मुंबई यूनिवर्सिटी सीनेट के सदस्य प्रदीप सावंत ने मामले पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि शिक्षण संस्थानों को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहना चाहिए. मुद्दा सिर्फ यह नहीं है कि छात्रों को इसमें शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है या नहीं, बल्कि यह है कि क्या कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज के आधिकारिक मंच का इस्तेमाल किया जा रहा है. साथ ही मामले को लेकर युवा सेना ने मुंबई यूनिवर्सिटी के कुलसचिव से लिखित में शिकायत की थी.