Patna News: छठ पर अगर आप भी दिल्लीNCR से बिहार या अपने घर लौटने की योजना बना रहे हैं? तो ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और फ्लाइट्स के आसमान छूते किरायों ने आपकी चिंता जरूर बढ़ा दी होगी. 13 से 16 नवंबर 2026 तक मनाए जाने वाले छठ पर्व को लेकर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम से बिहार जाने वाली लगभग सभी प्रमुख ट्रेनों में 13 और 14 नवंबर के लिए कंफर्म टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो चुका है. लेकिन इसका एक अलटर्नेट है, जिससे आप आसानी से बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसे कई शहरों में आसानी से पहुंच सकते हैं.

अधिकांश ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति है या वेटिंग सैकड़ों के पार पहुंच चुकी है. दूसरी ओर, दिल्लीपटना फ्लाइट का किराया आम दिनों के 68 हजार रुपये से उछलकर 26,000 रुपये तक पहुंच गया है. ऐसे में अगर आपको डायरेक्ट कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है, तो परेशान होने के बजाय ‘टुकड़ों में यात्रा’ का स्मार्ट तरीका अपनाकर आप आसानी से और कम बजट में पटना पहुंच सकते हैं.
डायरेक्ट ट्रेनफ्लाइट फुल? जानिए ‘टुकड़ों में ट्रैवल’ का फॉर्मूला
जब मुख्य रूटों की सीधी ट्रेनों में जगह नहीं होती, तो कनेक्टिंग रूट्स या बड़े ट्रांजिट हब्स के जरिए यात्रा करना सबसे आसान और कारगर विकल्प बन जाता है. आप दिल्ली से इन प्रमुख शहरों तक ट्रेन या बस से पहुंचकर वहां से पटना या बिहार के अन्य जिलों के लिए आसानी से साधन पकड़ सकते हैं:
वाया लखनऊ और कानपुर
कैसे जाएं: दिल्लीएनसीआर से लखनऊ या कानपुर के लिए चौबीसों घंटे वोल्वो, स्लीपर और सरकारी/प्राइवेट बसें आसानी से मिल जाती हैं. इसके अलावा इन शहरों के लिए ट्रेनों में भी सीट मिलने के ज्यादा चांस होते हैं.
आगे का रास्ता: लखनऊ या कानपुर पहुंचकर आप पूर्वांचल एक्सप्रेसवे या नेशनल हाईवे के जरिए राज्य परिवहन की बसों, प्राइवेट टैक्सियों या लोकल ट्रेनों से सीधे पटना पहुंच सकते हैं.
वाया गोरखपुर
कैसे जाएं: यदि आपका घर उत्तर बिहार के जिलों जैसे गोपालगंज, सिवान, मुजफ्फरपुर, दरभंगा या चंपारण में है, तो दिल्ली से गोरखपुर का रूट सबसे बेहतरीन है.
आगे का रास्ता: दिल्ली से गोरखपुर के लिए ढेरों ट्रेनें और बसें उपलब्ध रहती हैं. गोरखपुर पहुंचने के बाद बिहार की सीमा महज कुछ दूरी पर है, जहां से लोकल बसें और पैसेंजर ट्रेनें लगातार चलती हैं.
वाया वाराणसी और प्रयागराज
कैसे जाएं: दक्षिण बिहार, बक्सर, आरा, सासाराम या गया की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए वाराणसी और प्रयागराज सबसे बड़े ट्रांजिट हब हैं.
आगे का रास्ता: वाराणसी या प्रयागराज तक पहुंचना बेहद आसान है. यहाँ से पटना या गया के लिए हर 1530 मिनट में बसें, पैसेंजर/मेमू ट्रेनें और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध रहती हैं.
दिल्लीNCR के प्रमुख बस बोर्डिंग पॉइंट्स
अगर ट्रेनों में टिकट नहीं मिल रहा है, तो आप दिल्लीएनसीआर के इन प्रमुख बस टर्मिनलों से यूपी के लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर या वाराणसी के लिए सीधी बसें पकड़ सकते हैं.
आनंद विहार बस टर्मिनल पूर्वांचल और यूपी के लिए सबसे बड़ा हब.
आईएसबीटी कश्मीरी गेट वोल्वो और लग्जरी बसों के लिए उपयुक्त.
सराय काले खां बस टर्मिनल दक्षिण और मध्य यूपी के रूटों के लिए.
अक्षरधाम और चिल्ला बॉर्डर नोएडा/गाजियाबाद से चलने वाली प्राइवेट स्लीपर बसों के पिकअप पॉइंट्स.
फ्लाइट के किराए में 3 गुना उछाल, जेब खाली कर रही इमरजेंसी यात्रा
छठ के दौरान एयरलाइंस का किराया सामान्य दिनों की तुलना में तीन गुना तक बढ़ चुका है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। दिल्ली से पटना 13 नवंबर को हवाई किराया 13,000 से लेकर 26,000 रुपये तक पहुंच गया है. ऐसे में डायरेक्ट फ्लाइट के भारीभरकम बजट से बचने के लिए आप दिल्ली से लखनऊ या वाराणसी तक की फ्लाइट लेकर वहां से सड़क मार्ग से पटना जा सकते हैं.



