
नई दिल्ली: तारीख सात फरवरी 2026, जगह मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम… इसी दिन भारत के टी-20 विश्व कप अभियान की शुरुआत हुई. खचाखच दर्शकों से भरा ग्राउंड, जो उम्मीद कर रहा था कि पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया रनों का पहाड़ लगाएगी और दुनिया के नंबर-1 टी-20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की धुआंधार पारी देखने को मिलेगी, लेकिन हुआ इसके विपरित. अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले ही आउट हो गए. 15 फरवरी, 2026, कोलंबो. भारत बनाम पाकिस्तान का बड़ा मुकाबला. यहां भी भारत टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने आया और अभिषेक चौथी गेंद पर बिना रन बनाए आउट हो गए. 18 फरवरी, 2026, जगह अहमदाबाद. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। भारत एक बार फिर पहले बल्लेबाजी कर रहा है. इस बार सामने नीदरलैंड्स था. अभिषेक स्ट्राइक पर थे. दो गेंदों पर एक भी रन नहीं बना और जैसे ही तीसरी गेंद आई, क्लीन बोल्ड. शर्मा जी का बेटा अपनी गिल्लियां नहीं बचा पाए.
तीन मैच तीनों में 0 पर आउट
अभिषेक शर्मा ने टी-20 वर्ल्ड कप में अबतक जो तीन मैच खेले हैं, उनमें वह खाता खोलने में नाकाम रहे हैं. कुछ दिग्गजों का मानना है कि वह विश्व कप के दौरान उम्मीदों के दबाव से जूझ रहे हैं और वह चाहते हैं कि यह आक्रामक सलामी बल्लेबाज अपनी पारी की शुरुआत में ‘एक्रॉस द लाइन’ शॉट खेलने से बचे. चलिए समझने की कोशिश करते हैं कि ये 25 वर्षीय बाएं हाथ का बल्लेबाज आखिर इतनी बुरी तरह फ्लॉप क्यों साबित हो रहा है?
अभिषेक शर्मा को आखिर हो क्या हो गया है?
ये बताना तो मुश्किल है कि आखिर अभिषेक को कौन सी बात परेशान कर रही है. घरेलू विश्व कप के दबाव को मापना, खासकर अभिषेक जैसे बेबाक बल्लेबाज के लिए, कहीं ज्यादा मुश्किल है, लेकिन अगर वह दबाव झेलने में असमर्थ होते, तो वह पिछले साल के एशिया कप में टॉप स्कोरर नहीं होते. अब यहां सिर्फ एक ही कारण बचता है- बदकिस्मती. भारतीय क्रिकेट इतिहास के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर कहते हैं:
अभिषेक को क्रीज पर समय गुजारना होगा, पहली ही गेंद पर चौका या छक्का लगाने की क्या जरूरत है. एक रन लो और अपना खाता खोलो. चार डॉट बॉल भी मायने नहीं रखतीं. वह बाद में उनकी भरपाई कर सकते हैं, एक-दो ओवर क्रीज पर पांव जमाने में बिताओ, फिर अपना स्वाभाविक खेल खेलो.
क्या एक्सपोज हो गए हैं अभिषेक शर्मा?
अभिषेक शर्मा को तेज गेंदबाज पसंद हैं. वह रूम बनाकर ऑफ साइड एरिया को टारगेट करते हैं, लेकिन अगर उन्हें स्टंप टू स्टंप बॉल दी जाए तो क्या होगा? शायद गेंदबाजों ने उन्हें डिकोड कर लिया है. तीन में से दो दफे वह ऑफ स्पिनर के हाथों फंसे हैं. संभव है कि टीमों ने उनकी शुरुआती आक्रामकता को ध्यान में रखते हुए प्लान बनाया हो, लेकिन टी-20 में खिलाड़ी काफी जल्दी एडजस्ट भी कर जाते हैं, अगर अभिषेक अपना प्लान बदले और थोड़ा समय लें तो उनका कमबैक जल्द देखने को मिलेगा. एक बार लय दोबारा पा ली तो फिर चाहे कैसे भी शॉट लगाए.





