देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस अभी थमी नहीं है. एक तरफ सरकार और कई बड़ी वाहन कंपनियां लगातार कह रही हैं कि E20 पेट्रोल सुरक्षित है और इसके लिए तैयार गाड़ियों में बिना किसी परेशानी के इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं दूसरी ओर अब ओडिशा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार से E20 पेट्रोल लागू करने के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है.

पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि E20 पेट्रोल लागू होने के बाद पेट्रोल पंप संचालकों को ग्राहकों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है. ग्राहकों का मानना है कि उनकी गाड़ियों में आने वाली कुछ तकनीकी समस्याओं की वजह E20 पेट्रोल है, जबकि पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि वे केवल सरकार की ओर से उपलब्ध कराया गया ईंधन बेचते हैं और ईंधन नीति तय करने में उनकी कोई भूमिका नहीं होती.
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने क्या कहा?
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सशांक शेखर साहू ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि सरकार को E20 पेट्रोल लागू करने के फैसले पर एक बार फिर विचार करना चाहिए. उनके मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में पेट्रोल पंप संचालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वाहन संबंधी शिकायतों के लिए ग्राहक सीधे पेट्रोल पंपों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.
#WATCH | Bhubaneswar, Odisha | Petroleum Dealers Association President Sasanka Sekhar Sahu says, “We are urging the government to reconsider the introduction of E20 fuel… Dealers are facing significant difficulties with the current E20 rollout. While the blend is capped at 10% pic.twitter.com/uCynBzcap7
— ANI July 6, 2026
E20 पर क्यों उठे सवाल
साहू का दावा है कि कई देशों में पेट्रोल में करीब 10% तक ही एथेनॉल मिलाया जाता है, जबकि भारत में 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू किया गया है. उनका कहना है कि देश में अभी भी बड़ी संख्या में ऐसी गाड़ियां चल रही हैं जिन्हें E20 पेट्रोल के हिसाब से डिजाइन नहीं किया गया था. इसी वजह से कुछ वाहन मालिक शिकायतें कर रहे हैं.
पेट्रोल डीलर्स का यह बयान हाल के दिनों में वाहन कंपनियों और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों की ओर से दिए गए बयानों से अलग है. पिछले कुछ दिनों में Mahindra, Toyota, Maruti Suzuki, Hyundai और Hero MotoCorp जैसी कंपनियों ने साफ कहा है कि उनकी E20अनुकूल गाड़ियों का व्यापक परीक्षण किया गया है और वे इस ईंधन पर सुरक्षित रूप से चल सकती हैं.
इस पूरे मामले से साफ है कि E20 पेट्रोल को लेकर अलगअलग पक्षों की राय अभी भी अलग है. वाहन निर्माता और विशेषज्ञ इसे सुरक्षित बता रहे हैं, जबकि कुछ पेट्रोल डीलर्स का कहना है कि उन्हें ग्राहकों की शिकायतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में आने वाले समय में सरकार इस मुद्दे पर क्या फैसला लेती है, इस पर सभी की नजर रहेगी.



