Relationship Overthinking:पार्टनर ऑनलाइन होने के बावजूद आपके मैसेज का जवाब नहीं देता, तो मन में कई तरह के सवाल उठने लगते हैं। बारबार फोन चेक करना, शक करना और गलत नतीजे निकालना बेचैनी बढ़ा सकता है। कई बार यह स्थिति ओवरथिंकिंग की वजह से भी होती है।

पार्टनर ऑनलाइन है, फिर भी जवाब नहीं दे रहा?
कई बार ऐसा होता है कि पार्टनर ऑनलाइन दिखाई देता है, लेकिन आपके मैसेज का जवाब नहीं देता। आप बारबार उसका लास्ट सीन देखते हैं और सोचने लगते हैं कि आखिर वह जवाब क्यों नहीं दे रहा। धीरेधीरे मन में कई तरह के सवाल आने लगते हैं। क्या वह मुझे नजरअंदाज कर रहा है? क्या उसकी जिंदगी में कोई और है? क्या अब उसे मेरी परवाह नहीं है? ऐसी सोच को ओवरथिंकिंग कहते हैं, जिसमें हम किसी बात के बारे में जरूरत से ज्यादा सोचने लगते हैं।
छोटी बात पर मन में डर क्यों बैठ जाता है?
जब हम किसी से बहुत प्यार करते हैं, तो उसका व्यवहार हमारे लिए मायने रखता है। ऐसे में उसका देर से जवाब देना भी हमें परेशान कर सकता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मन तुरंत किसी गलत नतीजे पर पहुंचने लगता है। कई बार यह डर सामने वाले के व्यवहार से ज्यादा हमारी अपनी असुरक्षा और उसे खोने की चिंता से जुड़ा होता है।
क्या हर बार कोई गलत वजह होती है?
नहीं, जरूरी नहीं कि पार्टनर का ऑनलाइन होकर जवाब न देना किसी परेशानी का संकेत हो। हो सकता है कि वह किसी काम में व्यस्त हो, किसी से बात कर रहा हो या उस समय जवाब देने की स्थिति बढ़ सकती है। आप बारबार फोन चेक कर सकते हैं, काम में मन नहीं लगता और छोटीछोटी बातों पर गुस्सा आने लगता है। कई बार बिना किसी ठोस वजह के पार्टनर से बहस भी हो जाती है। इससे रिश्ते में तनाव बढ़ सकता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि मन में आने वाला हर ख्याल सच नहीं होता।
ऐसे समय में खुद को कैसे संभालें?
सबसे पहले फोन को कुछ देर के लिए अलग रख दें। अपने काम में ध्यान लगाएं, टहलें, गाना सुनें या किसी दोस्त से बात करें। मन में कोई गलत ख्याल आए, तो खुद से पूछें कि क्या आपके पास इसका कोई ठोस सबूत है या आप केवल अंदाजा लगा रहे हैं। बारबार मैसेज भेजने या ऑनलाइन स्टेटस चेक करने से बचें। इससे मन को शांत होने का समय मिलेगा।
पार्टनर से बात करना क्यों जरूरी है?
अगर यह परेशानी बारबार हो रही है, तो पार्टनर से शांति से बात करें। उसे बताएं कि लंबे समय तक जवाब न मिलने पर आपको कैसा महसूस होता है। आरोप लगाने के बजाय अपनी बात समझाएं और उसकी परेशानी भी सुनें। रिश्ते में भरोसा और बातचीत दोनों जरूरी हैं। अगर गलत ख्याल लगातार परेशान कर रहे हैं और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डाल रहे हैं, तो किसी काउंसलर की मदद लेना भी अच्छा विकल्प हो सकता है।
याद रखें: पार्टनर का ऑनलाइन होना और तुरंत जवाब न देना अपने आप में इस बात का सबूत नहीं है कि वह आपसे प्यार नहीं करता। किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले स्थिति को समझें और अपने मन को बेवजह परेशान करने से बचें।


