चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को दिल्ली में जोरदार हंगामे में बदल गया. विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी तमाम विपक्षी दल के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग को लेकर आकाशवाणी ऑफिस में धरने पर बैठ गए. रात करीब 8 बजे दिल्ली पुलिस भारी सुरक्षा बलों के साथ धरनास्थल पर पहुंचीं और राहुल, प्रियंका गांधी समेत सभी विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया. इस दौरान राहुल, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की पुलिस से जमकर धक्कामुक्की हुई. जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। दिल्ली पुलिस राहुल, प्रियंका समेत विपक्ष के नेताओं को हिरासत में लेकर किंगसवे पुलिस लाइन कैंप ले गई. दिल्ली पुलिस के अनुसार, 50 सांसदों समेत लगभग 250 लोगों को हिरासत में लिया गया था और उन्हें किंग्सवे कैंप स्थित नई पुलिस लाइन ले जाया गया.

इस बीच लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का धरना खत्म होने के बाद चुनाव आयोग का बयान आया. ECI ने कहा कि 4 बजे तक किसी ने भी मिलने का समय नहीं मांगा था. प्रोटोकॉल के तहत ही मांग मानी जाएगी. लेकिन विपक्ष की मांग प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं है. विपक्ष चाहे तो हमसे मिलने का अनुरोध करे. वहीं, चुनाव आयोग के बाद दिल्ली पुलिस का भी बयान आया. दिल्ली पुलिस ने कहा कि मार्च को लेकर अनुमति नहीं मांगी गई थी. आकाशवाणी भवन पर धरना गैरकानूनी था. पुलिस ने कहा कि राहुल और प्रियंका गांधी को कानून तहत ही हटाया गया. वहीं, दिल्ली पुलिस ने दो घंटे हिरासत में रखने के बाद राहुल, प्रियंका गांधी समेत सभी नेताओं को छोड़ दिया.
#WATCH | Delhi Police detain Congress MP Priyanka Gandhi Vadra and other INDIA bloc leaders staging a protest at Akashvani Bhavan against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar and demanding his resignation. https://t.co/DYgIUmK5Iz
— ANI October 6, 2026
आगे की क्या रणनीति है?
सवाल पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मैंने पुलिस के लोगों से कहा कि आपको यहां से मुझे हटाना है तो हटा दीजिए लेकिन मुझे बता दीजिए कि मैं देश में कहां बैठ सकता हूं? इंडिया गेट पर, जंतरमंतर पर, सड़क पर?
राहुल गांधी का चुनाव आयोग और पुलिस पर हमला
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और पुलिस को निशाना बनाते हुए उनसे सवाल किया कि उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी प्रतिनिधियों को आयोग के अधिकारियों से मिलने की अनुमति क्यों नहीं दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि विपक्ष के सभी नेता आए हैं और हम वोट चोरी को लेकर ज्ञानेश कुमार से मिलकर उसे सवाल पूछना चाहते हैं, लेकिन हमें रोक दिया गया.
किरेन रिजिजू बोले यह नाटक कब तक चलेगा
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी सांसदों के ECI मुख्यालय तक विरोध मार्च पर कहा, रोजरोज कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और उनके साथी चुनाव आयोग को लेकर, सुप्रीम कोर्ट को लेकर जो हमला करते रहते हैं, इसे अब बंद करने का समय आ चुका है. 2014 से लगातार ये ड्रामा चल रहा है. यह नाटक कब तक चलेगा? लोकतंत्र में आप लोगों की सेवा करो तो आपको जनादेश मिलेगा. आप जनादेश प्राप्त नहीं कर पाते हैं और चुनाव आयोग को अपशब्द कहते हैं. जब सुप्रीम कोर्ट माफी मांगने के लिए कहता है तो आप बाद में उस पर भी हमला करते हैं और कहते हैं कि कोर्ट पर विश्वास नहीं है.
उन्होंने आगे कहा, इससे न तो लोकतंत्र ठीक होगा और न ही कांग्रेस पार्टी का फिर से उदय होगा. मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि आप पीएम मोदी से सीखें, भाजपा के कार्यकर्ताओं से सीखें जो अपने लिए नहीं बल्कि समाज और देश के लिए निरंतर, निस्वार्थ सेवा करते रहते हैं. आप सेवा करेंगे तो आप पर जनता विश्वास करेगी, ड्रामा करने से कुछ होगा नहीं. कांग्रेस पार्टी को 55 साल तक इस देश में शासन करने का मौका मिला है और उसमें से उन्होंने 2 सालों तक आपातकाल लगाकर शासन किया, जिसमें संविधान को बदल दिया गया.
‘चुनाव आयुक्त हमसे क्यों नहीं मिल रहे हैं?’
उन्होंने कहा ‘आज 300 से ज़्यादा विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्तों से मिलने के लिए संसद से चुनाव आयोग तक मार्च किया.हम करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं. चुनाव आयुक्त हमसे क्यों नहीं मिल रहे हैं?. पुलिस हमें क्यों रोक रही है और धमका रही है?’.
More than 300 Opposition MPs marched from Parliament to the Election Commission today to meet the Election Commissioners.
We represent crores of Indians.
– Why aren’t the Election Commissioners meeting us?
– Why is the police stopping and threatening us? https://t.co/tlIck8WoZX— Rahul Gandhi October 6, 2026
पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया
इधर क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने के कारण, पुलिस ने आकाशवाणी भवन में प्रवेश करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.गिरफ्तार किए गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस एक बस में बिठाकर परिसर से बाहर ले गई. भारतीय चुनाव आयोग के मुख्यालय के बाहर तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और इंडिया ब्लॉक के समर्थकों ने निर्वाचन सदन में जबरन घुसने की कोशिश की.
चुनाव आयोग के गेट को तोड़ने के प्रयास के दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ तीखी झड़पें हुईं, वहीं दूसरी राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ सांसदों ने पास के आकाशवाणी परिसर के अंदर धरना प्रदर्शन किया, जो कि चुनाव आयोग से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित है.
पवन खेड़ा ने साधा निशाना
विपक्षी नेतृत्व को औपचारिक ज्ञापन सौंपने से रोकने के लिए पुलिस की भारी तैनाती की आलोचना करते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार भय से ग्रस्त है. उन्होंने कहा ‘चुनाव आयोग बिल्कुल बगल में है, लेकिन वे देश के विपक्ष के नेता को जाने नहीं दे रहे हैं. उन्हें रोक दिया गया है. इसलिए आप देख सकते हैं कि राहुल गांधी , प्रियंका गांधी और हम सभी आकाशवाणी के अंदर धरने पर बैठे हैं. चुनाव आयोग यहां से मुश्किल से 100 मीटर दूर है’.
‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डरे हुए हैं’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए पवन खेड़ा ने कहा ‘विपक्ष के नेता वहां जाकर अपना ज्ञापन सौंपना चाहते हैं, लेकिन उन्हें रोका जा रहा है, और सभी को बहुत बेरहमी से रोका जा रहा है. राष्ट्रीय राजधानी में इस देश के लोकतंत्र की यही हालत है. हम समझते हैं कि नरेंद्र मोदी डरे हुए हैं, और उन्हें डरना भी चाहिए. उन्होंने जिस तरह के कुकर्म किए हैं, उन्हें डरना ही चाहिए डरना जायज है’.
‘गिरफ्तारी नहीं, इस्तीफा समाधान है…’
वहीं गिरफ्तारी पर सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने कहा ‘हमें शुरू से ही आगे बढ़ने से रोका गया. सुरक्षाकर्मियों, सीआरपीएफ, आरएएफ और अन्य बलों की भारी तैनाती थी. हमने आगे बढ़ने की पूरी कोशिश की. हम आंदोलन को और तेज करेंगे. गिरफ्तारी समाधान नहीं है. केवल त्याग ही एकमात्र समाधान है. हम सभी एकजुट होकर काम कर रहे हैं और कोई अलग रणनीति नहीं है. यहां तक कि बीजेडी भी आज भारत गठबंधन की सीमाओं से परे जाकर हमारे साथ जुड़ गई है’.



