Policybazaar Share Price: भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में गुरुवार 24 सितंबर 2026 का दिन हमेशा के लिए दर्ज हो गया है. ये एक ऐसा दिन था जिसने दलाल स्ट्रीट के दो बिल्कुल अलग चेहरों को दुनिया के सामने रखा. एक तरफ बाजार में भारी बिकवाली से आम निवेशकों के अरबों रुपये पलक झपकते ही स्वाहा हो गए. दूसरी तरफ फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में ये गणित सामने आया कि कैसे जोखिम लेने पर महज 10 हजार रुपये का दांव 2.30 करोड़ रुपये में बदल सकता था.

गुरुवार को शेयर बाजार में चौतरफा भारी बिकवाली देखने को मिली. निफ्टी 1.64 फीसदी यानी 383 अंक गिरकर 23,063 पर बंद हुआ. सेंसेक्स 1.67 फीसदी यानी 1,247 अंक लुढ़कर 73,580 अंक पर क्लोज हुआ. दोनों ही सूचकांकों में 8 जुलाई के बाद एक दिन की ये सबसे बड़ी गिरावट थी. लेकिन सबसे बड़ी कहानी फिनटेक कंपनी PB Fintech के शेयर में रची गई. ये कंपनी साल 2021 में बाजार में लिस्ट हुई थी. गुरुवार को इसके शेयर में 36 फीसदी तक की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई. इससे कंपनी का मार्केट कैप 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया. शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया.
बीमा नियामक IRDAI के एक प्रस्ताव ने पॉलिसीबाज़ार के निवेशकों को गहरा सदमा दिया. इसके साथ ही शेयर बाजार के डायनेमिक सर्किट के अनोखे तालमेल ने वो करिश्मा कर दिखाया, जो दशकों में एकाध बार ही देखने को मिलता है. आइए इस पूरी कहानी को शुरुआत से समझते हैं.
तूफान से पहले की खामोशी
इस पूरी घटना की शुरुआत बुधवार 23 सितंबर की शाम से होती है. पॉलिसीबाज़ार का शेयर बाजार में सामान्य रूप से कारोबार कर रहा था. ऑप्शंस मार्केट में एक कॉन्ट्रैक्ट था POLICYBZR SEP 1300 PE. इसका मतलब है सितंबर महीने की 1300 स्ट्राइक प्राइस का पुट ऑप्शन. पुट ऑप्शन में निवेशक तब दांव लगाते हैं जब उन्हें लगता है कि शेयर की कीमत गिरेगी.
बुधवार को जब बाजार बंद हुआ तो इस पुट ऑप्शन की कीमत घटकर महज 5 पैसे रह गई थी. शेयर बाजार के जानकारों की भाषा में इसे ‘आउट ऑफ द मनी’ ऑप्शन कहा जाता है. ऐसे सौदों के एक्सपायरी तक जीरो होने की 99 फीसदी संभावना होती है. पॉलिसीबाज़ार का एक लॉट 350 शेयरों का होता है. इसका सीधा मतलब है कि महज 17.50 रुपये में इसका पूरा एक लॉट मिल रहा था. उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि पांच पैसे का ये सौदा अगले दिन पारस पत्थर साबित होने वाला है.
एक खबर से मची भारी भगदड़
गुरुवार सुबह बाजार खुलने से ठीक पहले इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI की तरफ से एक बड़ा प्रस्ताव सामने आया. इस प्रस्ताव में कहा गया कि इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा एग्रीगेटरों से लेकर एजेंटों को दिए जाने वाले कमीशन पर सख्त लगाम लगाई जाएगी. बाजार में चर्चा तेज हो गई कि हेल्थ इंश्योरेंस पेआउट को 15 से 20 फीसदी तक कैप कर दिया जाएगा. टर्म लाइफ कमीशन को 25 फीसदी तक सीमित किया जा सकता है.
ये खबर PB Fintech के लिए किसी बुरे सपने जैसी थी. कंपनी का 50 फीसदी से अधिक बिजनेस सीधे तौर पर इसी इंश्योरेंस कमीशन से आता है. इस खबर ने कंपनी के भविष्य के मुनाफे पर सीधा प्रहार किया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सुबह 9:15 बजे बाजार खुलते ही बड़े संस्थागत निवेशकों ने पैनिक में आकर अंधाधुंध बिकवाली शुरू कर दी. देखते ही देखते शेयर ताश के पत्तों की तरह ढहने लगा.
डायनेमिक सर्किट का अनोखा खेल
आम तौर पर जब कोई शेयर 10 या 20 फीसदी गिरता है तो उसमें लोअर सर्किट लग जाता है. सर्किट लगने से ट्रेडिंग रुक जाती है ताकि निवेशकों को पैनिक से बचाया जा सके. लेकिन पॉलिसीबाज़ार F&O सेगमेंट का हिस्सा है. नियमों के मुताबिक इन शेयरों पर कोई फिक्स्ड सर्किट लिमिट नहीं होती. वहां डायनेमिक प्राइस बैंड काम करता है.
जैसे ही शेयर ने सुबह 10 फीसदी के शुरुआती सर्किट को छुआ, एक्सचेंज ने लिमिट बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी. गिरावट इसके बाद भी नहीं रुकी. भारी बिकवाली के चलते लिमिट 20, 25, 30 फीसदी से ऊपर होती चली गई. बिकवाली का आलम ये था कि दोपहर बाद शेयर 35.98 फीसदी की ऐतिहासिक गिरावट के साथ 1,207 रुपये पर जाकर बंद हुआ.
मंदी के खेल में ऐसे बन सकता था जैकपॉट
अब बात उस चमत्कार की जिसने ऑप्शंस ट्रेडिंग के गणित को निकालकर दुनिया के सामने रखा. शेयर बाजार का नियम है कि जब कोई शेयर तेजी से क्रैश होता है, तो उसके ‘पुट ऑप्शन’ की कीमत रॉकेट की तरह ऊपर भागती है. जैसे ही पॉलिसीबाज़ार का शेयर 1,800 रुपये के स्तर से ढहकर 1,200 रुपये की तरफ बढ़ा, वैसे ही 5 पैसे वाले 1300 PE ऑप्शन में भारी उछाल आ गया.
अगर सुबह के समय किसी ट्रेडर ने इस 5 पैसे वाले पुट ऑप्शन में सिर्फ 10 हजार रुपये का दांव लगाया होता, तो उसे 17.50 रुपये प्रति लॉट के भाव पर 571 लॉट मिल जाते. यानी उसके पास कुल 2 लाख ऑप्शंस क्वांटिटी आ जाती. जैसेजैसे शेयर नीचे गिरा, ये 5 पैसे का ऑप्शन पहले 1 रुपये, फिर 10 रुपये, फिर 50 रुपये के पार गया. देखते ही देखते ये दिन के उच्चतम स्तर 114.90 रुपये पर पहुंच गया. ये अपनी पिछली क्लोजिंग से 2,298 गुना बढ़ चुका था. इस निवेश पर करीब 1.99 लाख फीसदी का रिटर्न बनता.
अगर किसी ट्रेडर ने 114.90 रुपये के टॉप लेवल पर अपनी 2 लाख क्वांटिटी को बेचा होता, तो उसका 10 हजार रुपये का मामूली रिस्क 2 करोड़ 29 लाख 80 हजार रुपये के शुद्ध मुनाफे में बदल चुका होता. हालांकि ये सिर्फ एक गणित है, असल में किसी एक व्यक्ति ने इतना सटीक दांव लगाकर इतनी बड़ी रकम कमाना बहुत मुश्किल है. लेकिन इस गिरावट में कई लोगों ने अच्छे पैसे की कमाई जरूर की है.
बाजार एक्सपर्ट्स की सख्त चेतावनी
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये गणित जितना जादुई दिखता है, हकीकत में उतना ही खतरनाक भी है. इसे शेयर बाजार में ब्लैक स्वान इवेंट कहा जाता है. यानी एक ऐसी घटना जिसके होने की उम्मीद ना के बराबर होती है. जानकारों के मुताबिक 99.9 फीसदी मामलों में ऐसे 5 पैसे वाले ऑप्शंस एक्सपायरी के दिन पूरी तरह जीरो हो जाते हैं. ऐसे में निवेशकों के पूरे पैसे डूब जाते हैं. रिटेल निवेशकों को ऐसे जैकपॉट के लालच में आकर अपनी गाढ़ी कमाई ऑप्शंस ट्रेडिंग में लगाने से बचना चाहिए. ये कोई आम ट्रेडिंग नहीं, बल्कि बेहद उच्च जोखिम वाला दांव है जिसमें अक्सर बड़ा नुकसान ही होता है.



