Lohagad Fort Crime Scene Recreation: पुणे के मशहूर लोहागढ़ किले पर हुए चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस जांच अब अपने सबसे अहम पड़ाव पर पहुंच गई है. लोनावला पुलिस की टीम आज तड़के सुबह दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को लेकर लोहागढ़ किले के उस ‘डेथ पॉइंट’ पर पहुंची, जहां से केतन को नीचे फेंका गया था. भारी सुरक्षा के बीच पुलिस ने पूरी वारदात का क्राइम सीन रीक्रिएशन किया. इस दौरान हत्या की वो खौफनाक साजिश और उसके पीछे का खौफनाक सच परतदरपरत सामने आ गया.

लोहागढ़ किले पर साक्ष्यों को पुख्ता करने और कोर्ट में केस को मजबूत बनाने के लिए पुलिस सुबह करीब 6 बजे ही दोनों आरोपियों को लेकर मौके पर पहुंच गई थी. सुरक्षा कारणों और गोपनीयता बनाए रखने के लिए आज लोहागढ़ किले को आम जनता और पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रखा गया था. पुलिस ने वारदात के दिन की एकएक टाइमलाइन को समझने के लिए पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराया और इसकी बकायदा वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई, ताकि कोर्ट में इसे वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में पेश किया जा सके.
हुडी पहनकर पीछा और बैठने का हिंट… ऐसे रची गई मर्डर की स्क्रिप्ट
क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान आरोपियों ने जो खुलासा किया, वह बेहद चौंकाने वाला है. पुलिस जांच और रीक्रिएशन में सामने आया कि आरोपी चेतन चौधरी वारदात के दिन पुलिस और सीसीटीवी से बचने के लिए हुडी पहनकर बिना टिकट लिए ही चुपके से लोहागढ़ किले पर पहुंच गया था. चेतन लगातार किले के रास्ते पर सिया गोयल और केतन अग्रवाल को फॉलो कर रहा था, जिसकी भनक केतन को नहीं थी.
जैसे ही केतन पहाड़ी के मुहाने पर पहुंचा, पूर्वनिर्धारित योजना के मुताबिक सिया गोयल ने चेतन चौधरी को हिंट दिया. सिया ने पुलिस को बताया कि उसने चेतन को कोड दिया था कि ‘जैसे ही मैं नीचे बैठ जाऊंगी, तुम केतन को धक्का मार देना’. सिया के बैठते ही चेतन ने केतन को गहरी खाई में धकेल दिया.
दादा का छलका दर्द, मां ने मांगी फांसी
इस खौफनाक मर्डर केस के बाद केतन अग्रवाल के परिवार का रोरोकर बुरा हाल है. मीडिया से बात करते हुए केतन के दादाजी ने कहा यह हमारे साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है और दुख इस बात का है कि धोखा अपनों ने ही दिया है. लड़की के परिवार से हमारे बहुत पुराने और पारिवारिक संबंध हैं. पुलिस हमारा पूरा साथ दे रही है, लेकिन इस केस के पीछे एक और सच है. लड़की पर दबाव बनाकर उसे केतन से शादी करने के लिए मजबूर किया गया था. उसपर दबाव बनाने वाले वो 45 लोग भी उतने ही गुनहगार हैं. इन दोनों को तो फांसी मिले ही, लेकिन दबाव बनाने वाले उन मास्टरमाइंड्स पर भी कड़ी कार्रवाई हो.
वहीं, केतन की मां राखी अग्रवाल का कलेजा फट पड़ा. उन्होंने बिलखते हुए सिर्फ एक ही मांग की मुझे सिर्फ जस्टिस चाहिए, अपने केतन के लिए न्याय चाहिए. मुझे सिया के लिए भी फांसी चाहिए और चेतन के लिए भी फांसी चाहिए. जिन लोगों ने साजिश रचकर हमारे बेटे को फंसाया और उसकी जान ली, उन सबको फांसी के फंदे पर लटकाया जाए.”
लोनावला पुलिस अब इस मामले में आरोपियों के बयानों, डिजिटल साक्ष्यों और आज किए गए क्राइम सीन रीक्रिएशन के वीडियो फुटेज का मिलान कर रही है. पुलिस का दावा है कि उनके पास आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं और जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा.



