उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है, जिसको लेकर तमाम सियासी दल अभी से तैयारियों में जुट गए हैं. वहीं बिहार में मल्लाह और निषाद समाज की राजनीति का बड़ा चेहरा बन चुके विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी भी अब यूपी में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं.

खुद को “सन ऑफ मल्लाह” कहने वाले सहनी पिछले कुछ महीनों से लगातार उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों का दौरा कर निषाद, मल्लाह, केवट, बिंद और अन्य नदी किनारे रहने वाले समुदायों को संगठित करने की मुहिम चला रहे हैं, लेकिन उनके इस अभियान के बीच लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके कार्यक्रम पर रोक लगा दी है.
शाहजहांपुर जाने से पहले लखनऊ में हाउस अरेस्ट
इस बार मुकेश सहनी को शाहजहांपुर जाने से पहले ही लखनऊ में रोक दिया गया. VIP का आरोप है कि उन्हें लखनऊ में हाउस अरेस्ट कर दिया गया और शाहजहांपुर जाने की अनुमति नहीं दी गई. सहनी वहां ‘उत्तर प्रदेश संवाद एवं रात्रि प्रवास’ कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे. इसके साथ ही हाल के दिनों में हुई कुछ हत्याओं के पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर न्याय की मांग उठाना भी उनके कार्यक्रम का हिस्सा था.
लखनऊ स्थित आवास पर उत्तर प्रदेश प्रशासन ने मुझे हाउस अरेस्ट कर दिया है, ताकि मैं निषाद समाज के कार्यक्रम में शामिल न हो सकूं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अघोषित आपातकाल लगा दिया है….. https://t.co/bYY1kZ3A5J pic.twitter.com/xH8IvimHM7— Mukesh Sahani June 29, 2026
निगरानी रखने का निर्देश
पार्टी की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने आशंका जताई कि सहनी के दौरे से कानूनव्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है. इसी आधार पर उन्हें लखनऊ में ही रोक दिया गया और उनके आवागमन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए.
मुकेश सहनी का यूपी सरकार पर हमला
कार्रवाई के बाद मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि को जनता के बीच जाने से रोकना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है. उन्होंने इसे “अघोषित आपातकाल” बताते हुए कहा कि सरकार जनता की आवाज और विपक्ष की गतिविधियों से डर रही है. सहनी ने कहा कि अगर किसी नेता को अपने तय कार्यक्रम में जाने से रोका जाता है, तो यह साफ संकेत है कि सरकार संवाद से भाग रही है.
‘आंदोलन रुकने वाला नहीं है…’
उन्होंने आरोप लगाया कि निषाद समाज के हक, अधिकार और आरक्षण की लड़ाई को दबाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्रवाई से उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है. उनके अनुसार, निषाद समाज अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुका है और सम्मान की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखेगा.
पहले भी हुई कार्रवाई
यह लगातार दूसरी घटना है जब उत्तर प्रदेश में मुकेश सहनी को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा है. इससे दो दिन पहले उन्हें अंबेडकर नगर में भी हिरासत में ले लिया गया था. उस समय वो जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे. तब भी उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया था.
बिहार के बाद उत्तर प्रदेश में मल्लाह और निषाद समाज के बीच लगातार बढ़ती सक्रियता के कारण मुकेश सहनी का राजनीतिक अभियान चर्चा में है. ऐसे में लगातार दो बार उनके कार्यक्रमों पर रोक लगने से उत्तर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है. वहीं प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल कानूनव्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है, जबकि VIP इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और राजनीतिक दमन बता रही है.



