: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस समय केरल में  सचिव रहे ज्ञानेश कुमार ने 17 करोड़ रुपये के बिल पास करने के बदले 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह मामला उस समय का है, जब ज्ञानेश कुमार केरल में लोक निर्माण विभाग के सचिव के पद पर तैनात थे। कोल्लम के पूर्व ठेकेदार साजन ने इस संबंध में शिकायत की है। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण परियोजना से जुड़े भुगतान को मंजूरी देने के लिए उनसे रिश्वत मांगी गई थी।

पहले भी हुई थी मामले की जांच

इस मामले में पहले भी जांच की जा चुकी है। हालांकि, उस समय आरोपों की पुष्टि नहीं होने के कारण जांच बंद कर दी गई थी। अब ठेकेदार की ओर से नए आरोप लगाए जाने के बाद केरल सरकार ने मामले की दोबारा जांच कराने का निर्देश दिया है। एक आधिकारिक सूत्र के मुताबिक, गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शिकायत के आधार पर VACB को जांच के निर्देश दिए हैं। जांच एजेंसी अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उनसे जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगी।

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SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच आया मामला

ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, फिलहाल यह शिकायत करीब दो दशक पुराने सड़क निर्माण प्रोजेक्ट से जुड़ी है। रिश्वत मांगने के आरोप शिकायतकर्ता ने लगाए हैं, जिनकी जांच होनी बाकी है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जांच के बाद ही आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

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