रिश्तों के कत्ल की खौफनाक दास्तान: केतन अग्रवाल, राजा रघुवंशी, सौरभ और बेंगलुरु की महालक्ष्मी… इन चार जिंदगियों का अंत ‘प्यार और धोखे’ के ऐसे जाल में हुआ जिसने पूरे देश को हिला दिया। आखिर अपनों ने ही क्यों रची इनकी खौफनाक मौत की साजिश?

रिश्ते कभी भरोसे, प्यार और साथ निभाने के वादों की नींव पर खड़े होते थे, लेकिन आज उन्हीं रिश्तों की डोर को खून के रंग से रंगा जा रहा है। अखबार, टीवी और यूट्यूब पर आपको ऐसी खबरें और वीडियो खोजने के लिए बहुत मशक्कत नहीं करनी पड़ती है।
जिस हाथ को थामकर जिंदगी बिताने के सपने देखे जाते हैं, मेहंदी लगाई जाती है। उन्हीं हथेलियों पर अब खून के निशान दिख रहे हैं। साथ निभाने का वादा करने वाला साथी अब जान लेने की साजिश रच रहा है। थामने के लिए बढ़ाया गया हाथ अब धक्का देकर मौत के मुंह में धकेल रहा है।
कहीं प्रेमी की लाश के टुकड़े कर ड्रम में भरकर ठिकाने लगाई जा रही है, तो कहीं प्रेमिका को मौत के घाट उतारकर उसकी पहचान मिटाने की कोशिश की जा रही है। कहीं भरोसे को जहर देकर खत्म किया जा रहा है तो कहीं प्यार को ऊंची पहाड़ियों से धक्का देकर मौत की खाई में दफना दिया जा रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में शादी, प्रेम संबंधों और विवाह पूर्व रिश्तों से जुड़े जघन्य अपराधों ने एक डरावना सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हम रिश्ते निभाना भूल गए हैं? भरोसे की जिस डोर के सहारे यह रिश्ता बनता है, वह अब टूट चुकी है या फिर इतनी कमजोर हो गई है कि आवेग का एक झोंका भी इसे तोड़ने के लिए काफी हो चुका है।
केतन अग्रवाल मर्डर केस ने फिर सोचने को मजबूर कर दिया है आखिर ऐसा क्या बदल गया है कि प्यार और भरोसा अब सुरक्षा नहीं, बल्कि खतरे का दूसरा नाम बनता जा रहा है। यह सिर्फ हत्याओं की कहानी नहीं, बल्कि भरोसे, संवेदनाओं और इंसानी रिश्तों के लगातार हो रहे कत्ल की दास्तान है..
केतन मर्डर केस: सिया ने मंगेतर को खाई में धकेला
महाराष्ट्र के पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून को लोनावला के पास स्थित लोहगढ़ किले में करीब 400 फीट गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। यह कोई हादसा नहीं था, बल्कि उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी संग मिलकर केतन को धक्का दिया था। केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल संग घूमने गए थे।
केतन और सिया की इस साल नवंबर में शादी होने वाली थी। दोनों परिवारों ने शादी की रस्मों के लिए राजस्थान के खूबसूरत शहर उदयपुर में एक महल बुक करने समेत कई बड़ी तैयारियां कर ली थीं।
पुलिस जांच में पता चला कि सिया का पुणे के कोंढवा इलाके में रहने वाले 22 साल के चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। सिया केतन से शादी करना नहीं चाहती थी। आरोप है कि चेतन और सिया ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
सिया पर आरोप है कि सिया ने केतन को घूमने के बहाने लोहागढ़ किले में बुलाया। बाद में चेतन को भी वहां आया। इसके बाद दोनों ने मिलकर केतन को पीछे से खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में घटना को ऐसे दिखाया, जैसे हादसा हो। पुलिस ने चेतन और सिया को अरेस्ट कर लिया है।
बताया जा रहा है कि सिया ने इससे पहले 14 जून को भी केतन को मारने की प्लानिंग की थी। हालांकि, उस दिन गिरते वक्त केतन ने झाड़ी को पकड़ लिया था, जिससे उसकी जान बच गई थी। केतन ने सिया से पूछा कि उसे धक्का क्यों दिया तो उसने सांप होने का झूठा शोर मचाया और ऐसे जाहिर किया कि उसने केतन को सांप के काटने से बचाया।
राजा रघुवंशी हत्याकांड: हनीमून पर सोनम ने कराई पति की हत्या
इंदौर के युवा कारोबारी राजा रघुवंशी की मर्डर की कहानी भी प्यार और शादी के रिश्तों पर से भरोसा उठा देने वाली है। राजा ने सोनम से सगाई और शादी की। हमेशा खुश रखने, सुरक्षित रखने और साथ जीनेमरने के वादे किए थे।
हनीमून के लिए शिलॉन्ग जाते वक्त भी राजा ने यह नहीं सोचा था कि अब वह कभी घर नहीं लौटेगा। यह उसकी जिंदगी की आखिरी ट्रिप होगी। मेघालय की खूबसूरत वादियों में बिताए गए यादगार पल अचानक मौत की दास्तान में बदल गए और टीवी व अखबारों की सुर्खियों में छा गए।
दरअसल, मेघालय से दोनों के लापता होने की खबर आई। कई दिनों की तलाश के बाद राजा का शव एक गहरी खाई में मिला, जबकि सोनम का कोई पता नहीं चल सका। शुरुआत में इसे रहस्यमय गुमशुदगी और हादसे के तौर पर देखा गया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर मामला हत्या की साजिश में बदल गया।
पुलिस की छानबीन के मुताबिक, सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर राजा को गहरी खाई में धकल कर मार डाला।
इस घटना ने पूरे देश में लोगों को झकझोर दिया था। यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि भरोसे, प्रेम और वैवाहिक रिश्ते की पवित्रता पर लगे गहरे सवालों का प्रतीक बन गया। जिस रिश्ते को सुरक्षा और अपनापन देना था, उसी पर जीवन छीन लेने के आरोप लगे। राजा रघुवंशी की मौत ने लोगों को शादी जैसे पवित्र रिश्ते पर सोचने को मजबूर कर दिया।
सौरभ राजपूत: हत्या के बाद शव नीले ड्रम में सीमेंट से छिपाया
देश भर में नीले ड्रम हत्याकांड से चर्चित मेरठ के सौरभ राजपूत मर्डर केस के बाद लोगों न सिर्फ शादी से भरोसा उठा था, बल्कि प्रेम विवाह सुरक्षित है, इस पर सोचने को मजबूर किया था। मेरठ के सौरभ राजपूत ने मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। दोनों की एक बच्ची भी है।
सौरभ मर्चेंट नेवी में था तो अक्सर बाहर ही रहता था। इस दौरान मुस्कान का साहिल नाम के एक शख्स से प्रेम संबंध शुरू हो गया। जब सौरभ घर आया तो मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी। फिर शव के टुकड़े किए और उसे सीमेंट भरकर नीले ड्रम में छिपा दिया।
जब लंबे समय तक परिवार की सौरभ से बात नहीं हो सकी। तब परिवार को शक हुआ और उन्होंने पुलिस से मदद ली। पुलिस ने जांच के दौरान मुसकान के बारबार बयान बदलने पर पूछताछ का दायरा बढ़ाया।
जांच के दौरान पुलिस को घर में रखे एक नीले ड्रम खटका। फिर पुलिस ने ड्रम में भरी सीमेंट को तोड़ना शुरू किया तब ड्रम से सौरभ का शव टुकड़ों में मिला। मामले की क्रूरता और शव छिपाने के तरीके ने पूरे देश को स्तब्ध रह गया था।
महालक्ष्मी मर्डर केस: प्रेमी ने शव के टुकड़े कर फ्रिज में भर दिए
बेंगलुरु में महालक्ष्मी नाम की एक अपने पति से अलग होने के बाद उत्तराखंड के रहने वाले प्रेमी अशरफ संग लिवइन में रह रही थी। सितंबर 2024 में जब महालक्ष्मी के परिजन उससे संपर्क नहीं कर पाए, तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की।
बाद में महालक्ष्मी का शव उसी फ्लैट में जिसमें वह प्रेमी के साथ रहती थी, एक फ्रिज में टुकड़ों में मिला। इस वारदात की क्रूरता ने लोगों को श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड की याद दिला दी।
साथ जीने की कसमें, फिर हत्या क्यों?
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन नोएडा के अध्यक्ष और वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. सुनील अवाना बताते हैं कि इस तरह के मामलों में ज्यादातर आरोपी मानसिक तौर पर रोगी होते हैं। इंटरमिटेंट एक्सप्लोसिव डिसऑर्डर और एंटीसोशल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के शिकार निकलते हैं।
- इंटरमिटेंट एक्सप्लोसिव डिसऑर्डर: गुस्से में आपा खो देना अथवा तैश में आकर हमला करना। बाद में पछतावा महसूस करना।
- एंटीसोशल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर: अपने फायदे के लिए दूसरों के अधिकारों, भावनाओं और सामाजिक नियमों करना। प्लानिंग कर किसी को नुकसान पहुंचना या मर्डर करना।
कैसे पता करें कि आपका जीवनसाथी रेड फ्लैग या ग्रीन फ्लैग?
ग्रीन फ्लैग
- आपकी बात ध्यान से सुनता है। आपकी भावनाओं और विचारों की कद्र करता है।
- अपने परिवार, दोस्तों और अतीत के बारे में खुलकर बात करता है।
- नाराजगी या मतभेद होने पर भी अपमानजनक शब्द इस्तेमाल नहीं करता है।
- वादे कम करता है, लेकिन हमेशा साथ निभाने की कोशिश करता है।
- आपसे जो कहता है, उस पर प्राथमिकता से काम करने की कोशिश करता है।
- फोन, सोशल मीडिया और निजी जिंदगी पर कंट्रोल नहीं रखता।
- गलत होने पर अपनी गलती स्वीकारता है, माफी मांगता है।
- आपके सपनों और करियर को समझता है, उन्हें पूरा करने में आपका साथ देता है।
- रिश्ते में जल्दबाजी या दबाव बनाने के बजाय समय देता है।
रेड फ्लैग
- रिश्ता शुरू होते ही शादी या साथ रहने की जल्दबाजी करना।
- बातें छिपाना या फिर बारबार झूठ बोलना।
- आपकी लोकेशन, फोन व सोशल मीडिया पर नजर रखना।
- अपने पूर्व पार्टनर को गलत ठहराना और खुद को पीड़ित दिखाना।
- गुस्से में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना, चीजें तोड़ना, धमकाना या हिंसक व्यवहार करना।
- दोस्तों और परिवार से आपको दूर करने की कोशिश करना।
- इमोशनल ब्लैकमेल करना।
- रिश्ते में आ रही हर समस्या के लिए आपको दोषी ठहराना।
- एक रिश्ते में रहते हुए दूसरे लोगों के साथ भी संबंध रखते रहा हो।
- बारबार धोखा देना और फिर सॉरी बोलकर सब ठीक करना।
शादी से पहले कराएं ये जांच?
डॉ. सुनील अवाना बताते हैं कि रिश्तों के शुरुआती दौर में लोग अपना बेस्ट देने की कोशिश करते हैं। आकर्षण और प्रेम के दौरान लोग अक्सर एकदूसरे को खुश करने के लिए बातें करते हैं।
मिलते भी हैं तो कैफे, सिनेमा हॉल, मॉल या फिर कहीं घूमने के लिए, इस दौरान भी क्या बहुत आत है, किस बात पर गुस्सा आता है, क्या कोई आदत है, किस बात पर झगड़ा होता है, क्या कभी किसी से मारपीट की, क्या कोई लत है, क्या कोई बीमारी है, क्या कोई मेंटल हेल्थ इश्यू है, क्या कोई हार्मोनल इश्यू है, क्या कोई कर्ज है.. जैसे गंभीर मुद्दों पर लोग बात ही नहीं करते हैं। ऐसे में सोनम, सिया, मुस्कान और अशरफ जैसे लोग अपना वास्तविक व्यवहार पता नहीं चलते देते हैं।
डॉ. अवाना कहते हैं कि शादी से पहले प्रीमैरिटल काउंसिलिंग और जरूरत पड़ने पर प्रीमैरिटल हेल्थ स्क्रीनिंग करानी चाहिए। इससे भविष्य में होने वाले कई गंभीर विवादों और रिश्तों में आने वाली चुनौतियों को समय रहते समझा जा सकता है। लोग अक्सर अपनी हार्मोनल या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं छिपा लेते हैं।



