मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के मझौली गांव में सन्नाटा पसरा है. यहां जुलाई में एक युवक को पेट्रोल डालकर जला दिया गया. इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. युवक की मौत के बाद उसके पिता ने भी दम तोड़ दिया और फिर बुजुर्ग दादी की भी मौत हो गई. परिवार का आरोप है कि करीब तीन महीने पुराने इस मामले में अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है. वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले में केस दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है.

मामला उमरिया जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के मझौली गांव का है. परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक, कृष्णा उर्फ गोलू केवट गांव में विद्या बाई केवट की किराना दुकान पर गया था. वहां मोबाइल चार्ज करने को लेकर विवाद हुआ. आरोप है कि इसी दौरान गोलू को कमरे में बंद कर उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई. वह गंभीर रूप से झुलस गया और बाद में उसे घायल अवस्था में सड़क पर छोड़ दिया गया.

परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए. उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे अलगअलग अस्पतालों में रेफर किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. परिवार का दावा है कि गोलू ने मृत्यु पूर्व बयान में भी आरोपियों द्वारा पेट्रोल डालकर आग लगाने और दरवाजा बाहर से बंद करने की बात कही थी. हालांकि, इस दावे और घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि जांच से होनी बाकी है.

बेटे की मौत के 15 दिन बाद पिता ने तोड़ा दम

गोलू की मौत के करीब 15 दिन बाद उसके पिता खान चंद केवट की भी मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि जवान बेटे को खोने का दुख वह सहन नहीं कर सके. इसके बाद पोते और बेटे की मौत से सदमे में आई बुजुर्ग दादी ने भी दम तोड़ दिया. एक ही परिवार में तीन मौतों से घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

मृतक की पत्नी पूजा केवट का आरोप है कि उसने पुलिस से शिकायत की, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई. परिवार का कहना है कि अब उनके घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा है.

मृतक की मां और ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने स्थानीय थाने के अलावा पुलिस अधीक्षक और विधायक से भी शिकायत की. इसके बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला. ग्रामीण शिव कुमार गोंड का दावा है कि गोलू को जलाने के बाद कमरे का दरवाजा बंद कर दिया गया था. उनका आरोप है कि पुलिस ने मामले में उचित धाराएं नहीं लगाईं और मृतक के बयान पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई.

पुलिस बोली आरोपी की तलाश जारी

मानपुर थाना प्रभारी ब्रज किशोर गर्ग के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 के तहत केस दर्ज किया गया है. आरोपी विद्या बाई की तलाश की जा रही है.

वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि घटना के तथ्यों और मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. परिवार अब भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है. तीन मौतों के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे परिजनों की मांग है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए.

रिपोर्ट सुरेंद्र त्रिपाठी

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