इनकम टैक्स विभाग ने नई टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर डेटा की मदद से ऐसे कई मामले पकड़े हैं, जिनमें लोगों ने गलत तरीके से टैक्स में छूट लेने की कोशिश की थी. वित्त मंत्रालय ने इसकी जानकारी लोकसभा में दी. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान ऐसे लोगों, कंपनियों और कुछ बिचौलियों की पहचान हुई, जो गलत टैक्स क्लेम करने में मदद कर रहे थे.

डेटा से कैसे पकड़ी जा रही है गड़बड़ी?

इनकम टैक्स विभाग अब चोरी रोकने के लिए डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है. यह सिस्टम बैंक के लेनदेन, GST रिकॉर्ड, TDS, TCS और प्रॉपर्टी खरीद जैसी जानकारियों को देखता है.इन जानकारियों से विभाग पता लगाता है कि किसी ने अपनी कमाई कम तो नहीं बताई या जरूरत से ज्यादा टैक्स छूट तो नहीं मांगी. अगर कोई गड़बड़ी मिलती है, तो उसकी जांच की जाती है.

लोगों को गलती सुधारने का मौका

इनकम टैक्स विभाग ने अभियान शुरू किया है. इसके जरिए लोगों को बताया जाता है कि अगर टैक्स रिटर्न में कोई गलती हुई है, तो उसे ठीक कर लें.इस अभियान में लोगों को सही जानकारी देकर समय पर सही टैक्स भरने के लिए प्रेरित किया जाता है.

फर्जी टैक्स दावों में शामिल लोगों पर कार्रवाई

इनकम टैक्स विभाग अब दूसरे जांच एजेंसियों के साथ मिलकर भी काम कर रहा है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जांच में कुछ ऐसे टैक्स रिटर्न तैयार करने वाले लोगों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की पहचान हुई है, जो गलत दावे कराने में मदद करते थे.

ऐसे मामलों में ईवेरिफिकेशन, सर्वे, तलाशी, दोबारा जांच, जुर्माना और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है.डेटा और डिजिटल टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल से विभाग टैक्स सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाने और गलत लाभ लेने वालों पर रोक लगाने की कोशिश कर रहा है.