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मध्य प्रदेश के मंडला जिले से एक खौफनाक मामला सामने आया है. नैनपुर थाना क्षेत्र के पिंडरई चौकी अंतर्गत खिरसारू गांव में 26 अगस्त को एक युवक और युवती घायल हालत में अलग-अलग जगहों पर मिले थे. पुलिस के मुताबिक, दोनों एक-दूसरे से बात कर रहे थे, जिससे नाराज होकर तीन लोगों ने उनके साथ मारपीट की और कथित तौर पर बिजली के तार से बांधकर करंट लगाया. इसके बाद आरोपी दोनों को मरा समझकर खेत में छोड़कर चले गए. ये मामला एक महीने पुराना है, लेकिन पुलिस अब एक्शन में आई है.

घटना में गंभीर रूप से घायल युवक अभिषेक धुर्वे को इलाज के लिए नागपुर ले जाया गया था, जहां 16 सितंबर को उसकी मौत हो गई. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और 19 सितंबर को हत्या का मामला दर्ज किया. पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिले तकनीकी सबूतों और पूछताछ के आधार पर तीन संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में उनके कथित तौर पर घटना में शामिल होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद तीनों को कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया.

10 Points में डिटेल

1. पुलिस के अनुसार, 25 अगस्त की रात बिंदोबाई और अभिषेक धुर्वे एक सुनसान जगह पर बैठकर आपस में बात कर रहे थे. इसी दौरान आरोपियों की नजर दोनों पर पड़ गई.

2. पुलिस की जांच और पीड़िता बिंदोबाई के बयान के मुताबिक, आरोपियों ने युवक और युवती के आपस में बात करने पर आपत्ति जताई. इसके बाद दोनों के साथ मारपीट की गई.

3. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दोनों को बिजली के तार से बांध दिया और कथित तौर पर करंट लगाया. इस घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए.

4. पुलिस के मुताबिक, मारपीट और करंट लगाने के बाद आरोपियों ने युवक और युवती को मृत समझ लिया. इसके बाद दोनों को खेत में छोड़कर वहां से चले गए.

5. 26 अगस्त की सुबह ग्रामीणों की नजर युवक और युवती पर पड़ी. दोनों अलग-अलग जगहों पर घायल हालत में मिले थे. ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी.

6. सूचना मिलने के बाद पिंडरई पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया. अभिषेक की हालत गंभीर होने के कारण उसे आगे के इलाज के लिए नागपुर ले जाया गया.

7. अभिषेक धुर्वे का नागपुर में इलाज चल रहा था. करीब तीन सप्ताह तक इलाज के बाद 16 सितंबर को उसकी मौत हो गई. इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या की धाराओं में जांच आगे बढ़ाई.

8. पुलिस के अनुसार, अभिषेक की मौत के बाद 19 सितंबर को हत्या का मामला दर्ज किया गया. इसके बाद पुलिस ने घटना से जुड़े लोगों और परिस्थितियों की जांच शुरू की.

9. जांच के दौरान पुलिस को मिले इनपुट और तकनीकी सबूतों के आधार पर चमरा लाल मरावी, लाल सिंह मरावी और सुनील कुमार मरावी को हिरासत में लिया गया. पुलिस ने तीनों से पूछताछ की.

10. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों के घटना में कथित तौर पर शामिल होने की जानकारी सामने आई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद सोमवार दोपहर करीब 12 बजे तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.