भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों की घोषणा से पहले घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में यह आशंका बनी हुई है कि केंद्रीय बैंक रेपो दर में बढ़ोतरी कर सकता है, जो वर्तमान में 5.25 प्रतिशत है। यदि रेपो दर में वृद्धि होती है तो बैंकों से ऋण लेना महंगा हो जाएगा। इसी अनिश्चितता और मौद्रिक नीति से जुड़ी चिंताओं के कारण निवेशकों के सतर्क रुख के बीच बाजार की शुरुआत लाल निशान में हुई।

सेंसेक्स बाजार खुलते ही 72,965.38 के स्तर पर खुला और शुरुआती कारोबार में ही 450 से अधिक अंकों तक टूट गया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसी प्रकार 50 शेयरों वाला निफ्टी इंडेक्स 22,690.45 के स्तर पर खुला और जल्द ही 22,650 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। शुरुआती सत्र के दौरान सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से केवल 2 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 28 शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में भारती एयरटेल 0.54 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स में रहे। वहीं टाइटन 2.34 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 1.38 प्रतिशत, महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.22 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 1.05 प्रतिशत और इंडिगो 0.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ प्रमुख लूजर्स की सूची में शामिल थे। निफ्टी के स्तर पर बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, कोल इंडिया और इंडिगो में बढ़त रही, जबकि टाइटन में 4.15 प्रतिशत, हिंडाल्को में 1.66 प्रतिशत, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में 1.60 प्रतिशत, एशियन पेंट्स में 1.56 प्रतिशत और एसबीआई लाइफ में 1.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इससे पिछले कारोबारी सत्र 6 अक्टूबर मंगलवार को बाजार में अच्छी तेजी देखी गई थी। सेंसेक्स 685.34 अंक यानी 0.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,067.81 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 220.35 अंक यानी 0.98 प्रतिशत चढ़कर 22,776.10 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि एमपीसी बैठक के नतीजों से पहले बाजार की इस तेज गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है और सभी की निगाहें अब केंद्रीय बैंक के आधिकारिक फैसले पर टिकी हुई हैं।



