Maharajganj Lekhpal Suspended: उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की निचलौल तहसील में तैनात लेखपाल मनीष पटेल को ऱिश्वत लेने, सरकारी मर्यादा का उल्लंघन करने और शिकायतकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार के आरोपों के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। SDM निचलौल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्या लेखपाल के खिलाफ गंभीर कदाचार और अनुशासनहीनता के आरोप सामने आए हैं, जिसके आधार पर ये कार्रवाई की गई है।

एक लाख रुपये वसूलने का आरोप
मामले की शुरुआत ग्राम करगड़िया निवासी जीधन प्रसाद की शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को दिए गए पत्र में आरोप लगाया कि 19 जून 2026 को उसकी मिट्टी लदी ट्रैक्टरट्रॉली और दो जेसीबी को तहसील प्रशासन की कार्रवाई के दौरान पकड़ लिया गया था। शिकायत के अनुसार संबंधित वाहनों के पास खनन विभाग से जारी अनुमति और आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे।
पीड़ित का आरोप है कि वाहन छोड़ने के बदले लेखपाल मनीष पटेल ने एक लाख रुपये की मांग की और राशि लेने के बाद देर रात वाहन छोड़दिए गए। शिकायतकर्ता ने ये भी कहा कि जब उसने अगले दिन पैसे वापस मांगने की बात की तो उसे तहसील आने के लिए कहा गया।
एसडीएम कार्यालय में हुई तीखी बहस
शिकायत के अनुसार जब मामला SDM के संज्ञान में पहुंचा तो दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई। इसी दौरान लेखपाल और शिकायतकर्ता के बीच तीखी नोकझोंक हुई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बाचतीच के दौरान लेखपाल ने जातिसूचत शब्दों का इस्तेमाल किया, मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी।
इन आरोपों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।
नायब तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में उठे सवाल
प्रकरण की जांच नायब तहसीलदार निचलौल द्वारा की गई। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि 19 जून को थाना निचलौल से सूचना मिलने पर मिट्टी लदी ट्राली और दो जेसीबी की जांच के लिए राजस्व टीम मौके पर पहुंची थी। उस समय वाहन चालकों द्वारा आवश्यक खनन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए थे। वाहनों के दस्तावेज दिखाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि शिकायत के मुताबिक मद्देनजर लेखपाल की भूमिका को संदिग्ध बताया गया।
भ्रष्टाचार और कदाचार को माना गया गंभीर मामला
SDM ने निलंबन आदेश में कहा प्रथम दृष्ट्या लेखपाल पर अनुचित लाभ या रिश्वत प्राप्त करने का गंभीर आरोप कदाचार की श्रेणी में आता है। इसके अलावा कार्यालय परिसर में विवाद औऱ मारपीट जैसी घटनाएं सरकारी सेवा आचरण नियमों में विपरीत माना गया।
इन आधाकोरं पर मनीष पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।



