Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर और उत्तराखंड के हरिद्वार में अवैध खून के धंधे का एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला भंडाफोड़ हुआ है. हरिद्वार जिले की लक्सर थाना पुलिस ने बिजनौर के प्रमुख समाजवादी पार्टी नेता व भगीरथ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मदनलाल सैनी के बेटे दुष्यंत सैनी को उसके चार अन्य साथियों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.

इन सभी पर बिना किसी प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के अवैध रक्तदान शिविर आयोजित करने और वहां से एकत्रित किए गए खून को ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचने का संगीन आरोप लगा है.
लक्सर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में कुछ लोग अवैध रूप से जगहजगह रक्तदान शिविर लगाकर मासूम लोगों का खून निकाल रहे हैं. सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने छापेमारी की और मौके से दुष्यंत सैनी समेत उसके चार साथियों को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने मौके से 27 यूनिट तैयार रक्त , 27 खाली ब्लड बैग और रक्त निकालने में इस्तेमाल होने वाले अन्य कई चिकित्सा उपकरण बरामद किए हैं.
8 से 10 हजार रुपये प्रति यूनिट में होता था ‘सौदा’
पुलिस की प्राथमिक जांच में इस खूनी खेल की चौंकाने वाली परतें खुली हैं. यह गिरोह ग्रामीण और सीधेसाधे इलाकों में कैंप लगाकर युवाओं को सामाजिक कार्य का झांसा देता था और उनसे खून डोनेट करवाता था. इसके बाद इस खून को बिजनौर, मेरठ और अन्य राज्यों के निजी अस्पतालों व संदिग्ध ब्लड बैंकों में 8,000 से 10,000 रुपये प्रति यूनिट के ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था. जांच में यह भी सामने आया है कि दुष्यंत सैनी बिजनौर में दो अवैध या संदिग्ध ब्लड बैंकों के संचालन से भी जुड़ा हुआ है.
राजनीतिक गलियारों में हड़कंप, सपा नेता ने दी सफाई
दुष्यंत सैनी के पिता मदनलाल सैनी समाजवादी पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य हैं और भगीरथ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. इस हाईप्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद बिजनौर से लेकर लखनऊ तक के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है.
हालांकि, मामले पर अपनी सफाई देते हुए सपा नेता मदनलाल सैनी ने अपने बेटे पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए दावा किया कि उनके बेटे को इस मामले में साजिश के तहत झूठा फंसाया जा रहा है.
बिजनौर और मेरठ कनेक्शन खंगाल रही पुलिस
हरिद्वार और लक्सर पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के बिजनौर और मेरठ कनेक्शन को गहराई से खंगाल रही है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह के तार किनकिन बड़े निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और नामचीन ब्लड बैंकों से जुड़े हुए थे. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है और जल्द ही इस मामले में कई और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.



