How To Know If Your Protein Powder Is Genuine: सोशल मीडिया खोलते ही हेल्थ एक्सपर्ट की बहार सी आ जाती है। जहां वो तरहतरह के सुझाव देते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि शरीर के प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने के लिए प्रोटीन पाउडर लेना जरूरी है, लेकिन एक सच यह भी है कि बाजार में प्रोटीन पाउडर बेचने वाले ब्रांड्स की भरमार है।

ऐसे में कैसे जानें कि कौन सा ब्रांड और उसका प्रोडक्ट जेनविन है। असली और नकली प्रोटीन की पहचान करने के लिए यहां कुछ तरीके बताए गए हैं, जिसे फॉलो करके आप भी प्रोटीन की शुद्धता की जांच कर सकते हैं।

इंग्रेडिएंट लिस्ट को ध्यान से पढें

सिर्फ आकर्षक ब्रांडिंग या पैकेजिंग पर न जाएं। आपको पैकेट को पलटकर उसमें मौजूद सामग्री की लिस्ट को ध्यान से देखना चाहिए। सामग्री की लिस्ट से आपको अपनी जरूरत और प्रोडक्ट के निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री का पता चल जाएगा, जिससे आपको चयन में आसानी होगी।

इन चीजों पर ध्यान दें

इसमें व्हे प्रोटीन आइसोलेट, व्हे प्रोटीन कॉन्संट्रेट, व्हे प्रोटीन हाइड्रोलाइज़ेट या इन तीनों का मिश्रण होना चाहिए। अगर यह पाउडर है, तो इसका 100% प्रोटीन सोर्स या तो मटर, सोया या से होना चाहिए। ये असली प्रोटीन पाउडर की पहचान हैं। अगर सामग्री की लिस्ट साफ नहीं है, तो वह संदिग्ध हो सकता है और उसकी क्वालिटी लो हो सकती है। ऐसे प्रोडक्ट कम असरदार होते हैं।

प्रोटीन लेबलिंग

प्रोटीन लेबल जितना साफ होगा, प्रोटीन पाउडर उतना ऑथेंटिक होगा। इसकी पहचान के लिए पी प्रोटीन, केसिन प्रोटीन, व्हे हाइड्रोलाइज़ेट, सोया प्रोटीन आइसोलेट, ब्राउन राइस प्रोटीन, व्हे प्रोटीन आइसोलेट और व्हे प्रोटीन कॉन्संट्रेट।

अगर लेबल पर सिर्फ प्रोटीन पाउडर, प्रोटीन ब्लेंड या मसल फॉर्मूला लिखा है, तो यह सिर्फ एक हेल्थ ड्रिंक हो सकता है, न कि शुद्ध प्रोटीन पाउडर। इसलिए, अगर कोई प्रोटीन अपने टाइप के बारे में साफ जानकारी नहीं देता और सिर्फ आम बातें बताता है, तो वह शुद्ध प्रोटीन सप्लीमेंट नहीं है। उसमें मिलावट हो सकती है।

एक स्कूप में कितना प्रोटीन

अगला पैमाना है प्रति स्कूप प्रोटीन, यानी एक सर्विंग में आपको असल में कितना प्रोटीन मिल रहा है। एक अच्छे प्रोटीन पाउडर में प्रति स्कूप 24 से 30 ग्राम तक प्रोटीन होता है। अगर इससे कम है, तो उसमें मिलावट है और वह शुद्ध पाउडर नहीं है।

चेतावनी को भी ध्यान से पढ़ें

यदि प्रोटीन पाउडर में माल्टोडेक्सट्रिन, डेक्सट्रोज, कॉर्न सिरप सॉलिड्स, बहुत अधिक है और आर्टिफिशियल फ्लेवर और एक्स्ट्रा शुगर जैसी सामग्रियों के बारे में चेतावनी दी है। इसका मतलब है कि प्रोडक्ट पूरी तरह से प्रोटीन पर फोकस नहीं करता है, बल्कि स्वाद, टेक्सचर या शेल्फलाइफ को बेहतर बनाने पर ज्यादा ध्यान देता है, जिससे इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू कम हो जाती है।