Thursday, March 12, 2026
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YouTube का बड़ा झटका! अब TV पर वीडियो देखते समय झेलने पड़ेंगे 30 सेकंड के विज्ञापन, स्किप का बटन हुआ गायब!..

YouTube का बड़ा झटका! अब TV पर वीडियो देखते समय झेलने पड़ेंगे 30 सेकंड के विज्ञापन, स्किप का बटन हुआ गायब!..
YouTube का बड़ा झटका! अब TV पर वीडियो देखते समय झेलने पड़ेंगे 30 सेकंड के विज्ञापन, स्किप का बटन हुआ गायब!..

अगर आप टीवी पर YouTube देखते हैं, तो आने वाले समय में आपको लंबे विज्ञापन देखने पड़ सकते हैं. टेक कंपनी Google ने एक नया 30 सेकंड का विज्ञापन फॉर्मेट लॉन्च किया है जिसे स्किप नहीं किया जा सकेगा. इस नए विज्ञापन फॉर्मेट को “VRC Non-skip Ads” नाम दिया गया है. कंपनी के अनुसार इसे खास तौर पर टीवी जैसे बड़े स्क्रीन वाले डिवाइस के लिए तैयार किया गया है. यह नया सिस्टम 2 मार्च से धीरे-धीरे शुरू किया गया है.

टीवी स्क्रीन के लिए बनाया गया नया विज्ञापन फॉर्मेट
Google का कहना है कि आजकल बड़ी संख्या में लोग टीवी पर YouTube देखते हैं. इसलिए कंपनी ने इस प्लेटफॉर्म के लिए अलग तरह का विज्ञापन फॉर्मेट तैयार किया है. इस नए फॉर्मेट का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विज्ञापन का पूरा संदेश दर्शकों तक पहुंचे. आमतौर पर YouTube पर आने वाले कई विज्ञापन कुछ सेकंड बाद स्किप किए जा सकते हैं, लेकिन टीवी पर दिखने वाले ये नए 30 सेकंड के विज्ञापन पूरे देखने होंगे. कंपनी के अनुसार इससे विज्ञापन देने वाली कंपनियों को अपने संदेश को बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाने का मौका मिलेगा.

AI तय करेगा किस डिवाइस पर कौन सा विज्ञापन दिखेगा
Google ने बताया कि इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल किया जाएगा. यह AI यह तय करेगा कि यूजर किस डिवाइस पर वीडियो देख रहा है और उसी के हिसाब से विज्ञापन का फॉर्मेट बदला जाएगा. उदाहरण के लिए अगर कोई यूजर टीवी पर YouTube देख रहा है, तो उसे पूरा 30 सेकंड का अनस्किपेबल विज्ञापन दिखाई दे सकता है. लेकिन अगर वही वीडियो कोई व्यक्ति मोबाइल फोन या लैपटॉप पर देख रहा है, तो उसे 6 सेकंड का छोटा “बंपर एड” या 15 सेकंड का विज्ञापन दिखाया जा सकता है.

विज्ञापन कंपनियों के लिए होगा ज्यादा फायदा
Google का कहना है कि AI आधारित यह सिस्टम विज्ञापन अभियान को ज्यादा प्रभावी बना सकता है. इससे कंपनियां अलग-अलग डिवाइस के लिए अपने विज्ञापन को बेहतर तरीके से दिखा सकेंगी. पहले विज्ञापन देने वालों को अलग-अलग फॉर्मेट चुनना पड़ता था, लेकिन अब AI अपने आप तय करेगा कि कौन सा विज्ञापन किस स्क्रीन पर दिखाना है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे विज्ञापन की पहुंच बढ़ाने और अभियान को ज्यादा प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है.

लंबे समय से चल रहा था इस फीचर का परीक्षण
हालांकि यह फीचर अब बड़े स्तर पर लॉन्च किया गया है, लेकिन Google पिछले कई महीनों से इसका परीक्षण कर रहा था. दरअसल कंपनी ने पहली बार इस तरह के विज्ञापन फॉर्मेट की योजना 2023 में ही बताई थी. अब इसे धीरे-धीरे दुनिया भर में लागू किया जा रहा है.

धीरे-धीरे बढ़ेगा इस फॉर्मेट का इस्तेमाल
Google के अनुसार यह नया विज्ञापन फॉर्मेट तुरंत हर जगह दिखाई नहीं देगा. कंपनियों और विज्ञापन एजेंसियों को अपने विज्ञापन अभियानों में इसे शामिल करने में कुछ समय लग सकता है. लेकिन आने वाले समय में जैसे-जैसे ज्यादा ब्रांड इस फॉर्मेट का इस्तेमाल करेंगे, टीवी पर YouTube देखने वाले लोगों को 30 सेकंड के अनस्किपेबल विज्ञापन ज्यादा देखने को मिल सकते हैं.

यूजर्स के अनुभव पर पड़ सकता है असर
इस बदलाव का मतलब यह है कि टीवी पर YouTube देखने का अनुभव थोड़ा अलग हो सकता है. जहां पहले कई विज्ञापन कुछ सेकंड बाद स्किप किए जा सकते थे, वहीं अब कुछ विज्ञापन पूरे देखने होंगे. हालांकि Google का कहना है कि यह बदलाव बड़े स्क्रीन पर बेहतर विज्ञापन अनुभव देने के लिए किया गया है.

me.sumitji@gmail.com

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