भारतीय प्राथमिक बाजार में आज निवेशकों के लिए उत्साहजनक दिन है, क्योंकि तीन अलगअलग कंपनियों के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम आज से सदस्यता के लिए खुल रहे हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण नाम देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का है। यह प्रतिष्ठित संस्थान ओएफएस के माध्यम से बाजार से 9,813 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा अवसर है, क्योंकि यह न केवल规模 के लिहाज से प्रमुख है, बल्कि इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम भी निवेशकों की रुचि को स्पष्ट कर रहा है।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ आज से 16 जुलाई तक खुला रहेगा, जिसके लिए कंपनी ने 545574 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। 1992 में स्थापित यह कंपनी वर्तमान में लगभग 16.32 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रबंधन करती है, जो भारत के कुल म्यूचुअल फंड उद्योग का लगभग 15.5 प्रतिशत हिस्सा है। इस आईपीओ के लिए लॉट साइज 26 शेयरों का रखा गया है, जिसका अर्थ है कि एक रिटेल निवेशक को ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए 14,924 रुपये का निवेश करना होगा। ग्रे मार्केट में इस शेयर को लेकर निवेशकों का रुझान सकारात्मक है, जहाँ इसका जीएमपी ₹89 के आसपास चल रहा है, जो इश्यू प्राइस से करीब 16 प्रतिशत की लिस्टिंग बढ़त का संकेत देता है। कंपनी ने इश्यू से पहले प्रीआईपीओ प्लेसमेंट के जरिए 30 बड़े संस्थानों से 1,655 करोड़ रुपये पहले ही जुटा लिए हैं।

आज ही के दिन अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का आईपीओ भी बाजार में उतरा है, जो 126.25 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर आया है। यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है और इसके लिए प्राइस बैंड 100105 रुपये तय किया गया है। इसका लॉट साइज 142 शेयरों का है, जिसके लिए रिटेल निवेशकों को 14,910 रुपये तक खर्च करने होंगे। बाजार में इसकी लिस्टिंग के संकेत भी उत्साहजनक हैं, जिसका जीएमपी फिलहाल करीब 4.76 प्रतिशत ऊपर चल रहा है।

इन दो मेनबोर्ड इश्यूज के अलावा, एसएमई सेगमेंट में भी हलचल तेज है, जहाँ मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज 160.34 करोड़ रुपये का अपना आईपीओ पेश कर रही है। यह इश्यू 14 जुलाई से 16 जुलाई तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा, जिसका प्राइस बैंड 315331 रुपये तय किया गया है। अनलिस्टेड मार्केट में इस शेयर की जबरदस्त मांग देखी जा रही है, जिसका जीएमपी 90 प्रतिशत से भी अधिक बताया जा रहा है, जो इसे निवेशकों की नजर में सबसे आकर्षक बना रहा है।

इन तीनों आईपीओ के अलॉटमेंट की प्रक्रिया 17 जुलाई तक पूरी होने की उम्मीद है और शेयरों की एनएसई और बीएसई पर संभावित लिस्टिंग 21 जुलाई को होगी। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट जैसा बड़ा इश्यू बाजार की तरलता और निवेशकों के भरोसे को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। आईपीओ बाजार की यह रौनक छोटे और बड़े दोनों प्रकार के निवेशकों के लिए सतर्कता और रणनीतिक निवेश का एक अवसर लेकर आई है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले कंपनियों के वित्तीय विवरणों और बाजार जोखिमों का गहराई से अध्ययन अवश्य करें।