मणिपुर में जातीय हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. कामजोंग जिले में बीते 36 घंटों में 28 घरों में आग लगा दी गई, जिनमें नगा और कुकी समुदायों की बस्तियां शामिल हैं. संदिग्ध उग्रवादियों के हमलों के कारण लोग अपने घर छोड़कर जंगलों और सैन्य शिविरों में शरण लेने को मजबूर हुए. मणिपुर के उपमुख्यमंत्री ने घटना की निंदा करते हुए क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.

अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार रात कामजोंग जिले के चासाद गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला किया और कुकी समुदाय के कम से कम 15 घरों में आग लगा दी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे पहले दिन में भी गांव पर हमला हुआ था, जिसमें समुदाय के एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य लोग गोली लगने से घायल हो गए थे.वहीं, उखरुल जिले में एक कार पर हुई गोलीबारी में दो लोग घायल हो गए.

नगा समुदाय के 13 खाली घरों में लगा दी आग

पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध उग्रवादियों ने नगा और कुकी दोनों समुदायों की बस्तियों को निशाना बनाया.म्यांमा के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पिलोंग और स्किप गांवों में रविवार को अज्ञात उपद्रवियों ने नगा समुदाय के लोगों के कम से कम 13 खाली घरों में आग लगा दी. म्यांमा के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पिलोंग सहित नगा गांवों पर हुए पिछले हमलों के बाद, इन घरों को खाली कर दिया गया था.

फरवरी से जातीय झड़पों में 50 से अधिक मौतें

वहीं, रविवार सुबह एक अलग घटना में, उखरुल जिले के लिटन थाना क्षेत्र में NH202 पर ग्वालताबी और महादेवा के बीच जा रही एक कार पर अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने गोलीबारी कर दी, जिसमें दो लोग घायल हो गए. फरवरी से तामेंगलोंग, कामजोंग, उखरुल, कांगपोकपी और नोनी जिलों में हुई जातीय झड़पों में 50 से अधिक लोग मारे गए हैं और दर्जनों घर जला दिए गए हैं.

उपमुख्यमंत्री ने दिए कार्रवाई के निर्देश

उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने चासाद में हुई हिंसा की निंदा की. उन्होंने कुकी समुदाय के लोगों की मौत पर दुख जताया और घायल ग्रामीण नेताओं एवं विस्थापित परिवारों को लेकर चिंता व्यक्त की. उन्होंने मकानों में आग लगाए जाने को ऐसा अपराध बताया, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

किपगेन ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन, राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों को 24 घंटे सतर्क रहने, आम नागरिकों की जानमाल की सुरक्षा करने और इस घटना के जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाने का निर्देश दिया है.

पुलिस ने एक बयान में कहा कि घटना को लेकर सुरक्षा के उपाय किए गए हैं. स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए प्रभावित इलाके में असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल और कामजोंग पुलिस की संयुक्त टुकड़ी तैनात की गई है.