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Akhilesh Yadav School Story: आज उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है. लेकिन सियासत के इस कद्दावर चेहरे के बचपन का एक किस्सा ऐसा है, जिसे उन्होंने खुद कभी मंच से सुनाया था. कहानी है उस वक्त की, जब स्कूल की एक शरारत की जिम्मेदारी लेने पर अखिलेश यादव को लगातार 7 दिन तक सजा के तौर पर मुर्गा बनना पड़ा था.

धौलपुर मिलिट्री स्कूल का वो किस्सा

अखिलेश यादव ने अपनी पढ़ाई का एक हिस्सा राजस्थान के धौलपुर स्थित राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में किया था, जहां बीएल शर्मा उनके प्रधानाचार्य थे. वह साल 1983 में कक्षा 6 में यहां दाखिल हुए और 12वीं तक पढ़े.

अखिलेष यादव के मुताबिक, स्कूल के दिनों में एक बार उनके कुछ साथियों ने आधिकारियों यानी शिक्षकों के लिए रखी प्लेट का खाना शरारत में खा लिया. जब कर्नल ने पूछा कि खाना किसने खाया, तो अखिलेश ने अपना हाथ ऊपर कर दिया. इसके बाद उन्हें फटकार मिली और एक चांटा भी पड़ा. लेकिन असली सजा अभी बाकी थी.

सात दिन तक रोज बनना पड़ा मुर्गा

अखिलेश ने बताया कि उन्हें स्कूल ऑफिस के सामने रोजाना करीब 1 घंटे तक मुर्गा बनने की सजा दी गई. यह सिलसिला सात दिनों तक चला. फिर कुछ सीनियर छात्रों ने शिक्षकों को बताया कि खाने की गलती अखिलेश न नहीं, बल्कि किसी और ने की थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद शिक्षकों ने उन्हें प्यार से समझाया और माफ कर दिया.

अखिलेश यादव ने किस्से से जुड़ी क्या सीख बताई?

अखिलेश ने यह किस्सा सिर्फ अपनी पुरानी याद के तौर पर नहीं सुनाया था. उन्होंने इससे जुड़ी सीख भी साझा की थी कि कभी-कभी दूसरों की गलती की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने में भी कोई बुराई नहीं है. यही वजह है कि सालों पुराना यह स्कूल किस्सा आज भी अखिलेश यादव से जुड़े चर्चित किस्सों में गिना जाता है.