बुधवार, 9 सितंबर को शेयर बाजार पर IPO की होड़ नेक्स्ट लेवल पर पहुंचती हुई दिखाई दी. इस दिन छह मेनबोर्ड IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुले. 30 साल में ऐसा पहली बार हो रहा है जब एक साथ 6 IPO एक साथ खुले हों. पिछली बार ऐसा 14 अक्टूबर, 1996 को हुआ था. ये छह IPO रेंटोमोजो , एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी , मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस, स्टीमहाउस इंडिया, LCC प्रोजेक्ट्स और करमतारा इंजीनियरिंग कुल मिलाकर 4,509.68 करोड़ रुपए जुटाने की कोशिश कर रहे हैं. रेंटोमोजो का IPO सबसे बड़ा है, जिसकी कीमत 1,255.57 करोड़ रुपए है. इसके बाद करमतारा इंजीनियरिंग और मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस का नंबर है.

14 अक्टूबर, 1996 को खुले छह IPO कोजी एंटरप्राइजेज, हिंद सिक्योरिटीज एंड क्रेडिट्स, कानूगो लीज एंड इन्वेस्टमेंट, RCS एक्सपोर्ट्स, सोना प्रोसेसर्स और XO ट्रोनिक थे. इनके IPO का साइज क्रमशः 1.50 करोड़ रुपए, 2.20 करोड़ रुपए, 6.70 करोड़ रुपए, 2.38 करोड़ रुपए, 3 करोड़ रुपए और 5.80 करोड़ रुपए था. PRIME डेटाबेस के अनुसार, ये छह IPO कुल मिलाकर 21.58 करोड़ रुपए जुटाने की कोशिश कर रहे थे. IPO की यह ताजा होड़ प्राइमरी मार्केट में ज़बरदस्त हलचल के बीच आई है, जबकि भारतीय शेयर बाज़ार के मुख्य इंडेक्स अभी भी कंसोलिडेशन के दौर में हैं और 24,000 के लेवल से नीचे संघर्ष कर रहे हैं.
एक साथ ओपन हुए ये 6 आईपीओ
- बुधवार को खुलने वाले छह इश्यू में से, रेंटोमोजो के इश्यू में 150 करोड़ रुपए की नई पूंजी और ऑफर फॉर सेल के जरिए 1,105.57 करोड़ रुपए शामिल हैं, जिसका प्राइस बैंड 384404 रुपए प्रति शेयर है.
- करमतारा इंजीनियरिंग ₹675 करोड़ की नई पूंजी और ₹200 करोड़ के OFS के ज़रिए कुल 875 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है, जिसका प्राइस बैंड 241254 रुपए प्रति शेयर है.
- मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस 805 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है, जिसमें 320 करोड़ रुपए की नई पूंजी और OFS के जरिए 485 करोड़ रुपए शामिल हैं, इसका प्राइस बैंड 322339 रुपए प्रति शेयर है.
- एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी , या ARCIL, पूरी तरह से OFS के जरिए 732.97 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रख रही है, जिसका प्राइस बैंड 132139 रुपए प्रति शेयर है.
- LCC प्रोजेक्ट्स 427.14 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें 258 करोड़ रुपए की नई पूंजी और OFS के जरिए 169.14 करोड़ रुपए शामिल हैं. इसका प्राइस बैंड 139146 रुपए प्रति शेयर है.
- स्टीमहाउस इंडिया ने अपने इश्यू का साइज 414 करोड़ रुपए तय किया है, जिसमें 353 करोड़ रुपए की नई पूंजी और OFS के ज़रिए 61 करोड़ रुपए शामिल हैं. इसका प्राइस बैंड 7781 रुपए प्रति शेयर है.
इन कंपनियों का आईपीओ चालू
ये छह IPO ऐसे समय में खुल रहे हैं जब प्राइमरी मार्केट का कैलेंडर पहले से ही व्यस्त है. कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, प्रासोल केमिकल्स और ग्लास वॉल सिस्टम्स बुधवार को सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन में प्रवेश कर रही हैं, और ये कंपनियां मिलकर 1,983.63 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रख रही हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। 7 सितंबर को खुले प्रणव कंस्ट्रक्शन्स के सब्सक्रिप्शन का आज आखिरी दिन है और कंपनी 351.03 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है.
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रांति बाथिनी ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि अगस्त का महीना IPO के लिए काफी मजबूत रहा. अगस्त में कई IPO को उम्मीद से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला. बाथिनी ने कहा कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज़बरदस्त हलचल और बाजार में भरपूर लिक्विडिटी ने प्राइमरी मार्केट की गतिविधियों को बढ़ावा दिया है. उन्होंने कहा कि अगस्त में आए ज्यादातर IPO ने निवेशकों को लिस्टिंग पर अच्छा मुनाफा दिया है. इस ट्रेंड की वजह से रिटेल निवेशक आने वाले IPO में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित हो रहे हैं.
कंपनियां में क्यों मची है आईपीओ की होड़?
SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च हेड सौरभ जैन ने कहा कि सितंबर में IPO की यह होड़ निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी और कंपनियों द्वारा मौजूदा बाजार के मौके का फायदा उठाने की कोशिश को दिखाती है. जैन ने कहा कि हाल के IPO में जबरदस्त सब्सक्रिप्शन और अच्छी लिस्टिंग परफॉर्मेंस देखने के बाद, ज्यादा कंपनियां प्राइमरी मार्केट में आने में सहज महसूस कर रही हैं. उन्होंने सितंबर में एक साथ कई IPO आने के पीछे एक व्यावहारिक कारण की ओर भी इशारा किया: कुछ कंपनियों के रेगुलेटरी अप्रूवल की समयसीमा खत्म होने वाली है, इसलिए उन्हें उपलब्ध समयसीमा के भीतर ही अपने इश्यू लॉन्च करने की जरूरत है. जैन ने कहा कि हालांकि, इस भीड़ का मतलब यह नहीं है कि हर इश्यू सफल ही होगा. इतने सारे विकल्प उपलब्ध होने के कारण, निवेशकों के बिजनेस की क्वालिटी और वैल्यूएशन को लेकर ज़्यादा सोचसमझकर फ़ैसला लेने की संभावना है.



