CM Yogi Adityanath Agra Review Meeting: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा दौरे के दौरान मंडलायुक्त सभागार में आगरा मंडल की विकास परियोजनाओं और कानूनव्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अवैध खनन, सड़क निर्माण की गुणवत्ता, आगरा मेट्रो, एयरपोर्ट और ग्रामीण सड़कों की स्थिति को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही, भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के प्रति सरकार की नीति पूरी तरह “जीरो टॉलरेंस” की है।

योगी का अफसरों को अल्टीमेटम: अवैध खनन पर दर्ज करें मुकदमे, मेट्रो और एयरपोर्ट अक्टूबर तक करें तैयार​
योगी का अफसरों को अल्टीमेटम: अवैध खनन पर दर्ज करें मुकदमे, मेट्रो और एयरपोर्ट अक्टूबर तक करें तैयार​

आगरा मेट्रो और आगरा एयरपोर्ट परियोजनाओं को अक्टूबर तक पूरा करने का अल्टीमेटम

मुख्यमंत्री ने आगरा मेट्रो और आगरा एयरपोर्ट परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि दोनों परियोजनाओं का निर्माण हर हाल में इसी वर्ष अक्टूबर तक पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य समय पर पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री से उद्घाटन के लिए समय लिया जाएगा, इसलिए किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में मुख्यमंत्री का सबसे कड़ा रुख अवैध खनन को लेकर देखने को मिला। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए और उनके वाहनों को जब्त किया जाए। उन्होंने कहा कि ओवरलोड वाहन ग्रामीण सड़कों को समय से पहले क्षतिग्रस्त कर रहे हैं, जिससे सरकारी संपत्ति को करोड़ों रुपये का नुकसान होता है।

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश

ने कहा कि जिन वाहनों के कारण सड़कें खराब हुई हैं, उन्हें जब्त कर उन्हीं के माध्यम से क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की अवैध गतिविधियों का साहस न कर सके।

मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण और रखरखाव में लापरवाही पर भी सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सड़क खोदकर छोड़ देने वाले व्यक्तियों, एजेंसियों या संस्थानों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जेल भी भेजा जाए। उन्होंने कहा कि जनता को अधूरे कार्यों और खराब सड़कों की परेशानी किसी भी कीमत पर नहीं झेलनी चाहिए।

सभी परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश

बैठक में के प्रमुख सचिव अजय चौहान को निर्देश दिए गए कि प्रदेश के सभी विधायकों द्वारा विकास कार्यों के लिए भेजे गए प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। स्वीकृति के बाद निर्माण कार्यों को बिना देरी शुरू कराया जाए, ताकि जनता को समय पर बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क, पुल, मेट्रो और एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं प्रदेश के विकास की पहचान हैं। इनकी गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए और सभी परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं।

बैठक में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के सांसद, विधायक, मंत्री, मंडलायुक्त, सभी जिलों के जिलाधिकारी तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने दोहराया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।