इस समय देश के कई राज्यों में मानसून का मौसम बना हुआ है. बारिश के साथ कई तरह के संक्रमणों का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में डायरिया के मामले भी बढ़ सकते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह गंदा पानी, संक्रमित खाना और साफसफाई की कमी हो सकती है. कई लोग इसे सामान्य पेट खराब समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय रहते सावधानी बरतना बहुत जरूरी होता है.

डायरिया की वजह से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो , कमजोरी और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए मानसून के दौरान खानपान और साफसफाई का खास ध्यान रखना जरूरी है. आइए जानते हैं मानसून में डायरिया से बचने के लिए कौन से तरीके फॉलो करें, किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है.
मानसून में डायरिया से बचने के लिए क्या करें?
के अनुसार, डायरिया से बचने के लिए हमेशा साफ और सुरक्षित पानी पिएं. अगर पानी की शुद्धता पर शक हो, तो उसे उबालकर या फिल्टर करके इस्तेमाल करें. खाना बनाने और खाने से पहले, टॉयलेट जाने के बाद और बच्चों की साफसफाई करने के बाद साबुन और पानी से अच्छी तरह हाथ धोएं.
हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना खाएं. खुले में रखी हुई या लंबे समय से बाहर रखी खाने की चीजों से बचें. फलों और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें. घर और आसपास साफसफाई बनाए रखें और खाने को ढककर रखें, ताकि मक्खियां और कीटाणु उस पर न बैठें. अगर डायरिया हो जाए, तो शरीर में पानी की कमी न होने दें और जरूरत पड़ने पर ओआरएस का घोल पिएं. अगर परेशानी बढ़े या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लें.
डायरिया के कौन से लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
अगर बारबार पतले दस्त हों, उल्टी आए, तेज बुखार हो, पेट में तेज दर्द हो या मल में खून दिखाई दे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. इसके अलावा, बहुत ज्यादा प्यास लगना, मुंह सूखना, पेशाब कम आना, चक्कर आना या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना शरीर में पानी की कमी के संकेत हो सकते हैं.
ऐसे लक्षण दिखने पर बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें. छोटे बच्चों और बुजुर्गों में ये लक्षण जल्दी गंभीर हो सकते हैं, इसलिए उनमें खास सावधानी बरतनी चाहिए.
किन लोगों को डायरिया से ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?
छोटे बच्चों, बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और जिन लोगों की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कमजोर है, उन्हें डायरिया से ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है. इसके अलावा, जिन लोगों के शरीर में पोषण की कमी है या जो लंबे समय से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, उनमें भी डायरिया जल्दी गंभीर हो सकता है.
ऐसे लोगों को साफ पानी पीने, ताजा खाना खाने और शरीर में पानी की कमी न होने देने पर खास ध्यान देना चाहिए. अगर डायरिया के लक्षण नजर आएं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है.



