कर्नाटक के दो अलगअलग हिस्सों में विरोध चल रहे. रामनगर में दिव्यांग और दृष्टिबाधित पुनर्वास कार्यकर्ताओं की तरफ से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. वहीं हुबली में गन्ना किसानों की नाराजगी दिख रही है. दिव्यांगों के आंदोलन पर कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा, “डी.के. शिवकुमार के पास दिल नहीं है. ‘बंडे’ नाम उन पर बिल्कुल सटीक बैठता है.

ये नाम सबसे पहले आना चाहिए था, क्योंकि ये आपका ही जिला है. दिव्यांग लोगों के संघर्ष के प्रति इतनी उदासीनता क्यों है? दृष्टिबाधित लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए 500 पुलिसकर्मी आ गए हैं. बांग्लादेशियों को पकड़ने वाला कोई नहीं है, लेकिन पुलिस यहां आ गई है. ये कांग्रेस सरकार एक कायर सरकार है. अगर आपमें थोड़ी भी आत्मसम्मान और शर्म बची है, तो कांग्रेस सरकार को इन्हें फंड देना चाहिए. हमें किसी भी हाल में पीछे नहीं हटना चाहिए.”

“किसानों से हमारी बात हुई’

हुबली में गन्ना किसानों सही न्यूनतम समर्थन मूल्य और उचित मूल्य की मांग को लेकर केंद्र सरकार के विरोध पर बीजेपी विधायक महेश तेंगिनकाई ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा, “आज किसान आंदोलन से जुड़ी पूरी टीम आई थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हमारे केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, सांसद जगदीश शेट्टार और मेरे समेत 3 विधायकों ने अधिकारियों के साथ मिलकर बैठक की. ये एक बहुत अच्छी बैठक रही और हमें सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है. किसान हुई बातचीत से खुश हैं.”

किसान नेता ने कहा, “आज मैंने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से बात की. उनके साथ हमारी काफी लंबी चर्चा हुई. अभी सुबह ठीक 11:00 बजे तीन जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. सभी किसानों को विश्वास में लेते हुए, अगर इतने दिनों तक कुछ नहीं हुआ है, तो हम अगली तारीख के बारे में भी फैसला लेंगे. क्योंकि जब उन्होंने तारीख देने पर जोर दिया, तो किसान नेताओं ने कुछ समय मांगा, और हमें उसका सम्मान करना चाहिए. सभी को विश्वास में लेकर चर्चा करने के बाद, अगर इतने दिनों तक काम नहीं हुआ है, तो हम अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे, क्योंकि यह जरूरी है.”