Sonam Wangchuk News: 26 दिनों की भूख हड़ताल के बाद आखिरकार सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया. जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में सोनम वांगचुक ने गुरुवार रात को अनशन खत्म किया. नीट पेपर लीक के खिलाफ सोनम वांगचुक 26 दिन से भूख हड़ताल पर थे. सीजेपी के साथ सोनम वांगचुक भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे. बहरहाल, अनशन खत्म करने का तरीका सबसे ज्यादा चर्चा में है. आमतौर पर लंबे अनशन के बाद लोग पानी या जूस पीकर उपवास तोड़ते हैं. लेकिन सोनम वांगचुक ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने अपने अनशन खत्म करने की शुरुआत एक कप सूप से की. जी हां, अनशन खत्म करने के बाद सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के पहले शब्दों ने उस पल की भावना को बयां कर दिया, जब सूप की पहली चुस्की लेने के बाद वह मुस्कुराए.

सोनम वांगचुक ने मेडिकल स्टाफ की मदद से अस्पताल के बिस्तर पर बैठे वांगचुक ने अपना लंबा अनशन तब तोड़ा. इस दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद थे. इस दौरान दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने सोनम वांगचुक को NEET पेपर लीक विवाद, परीक्षा सुधार और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर केंद्र का भरोसा दिलाया. मेदांता अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में सोनम वांगचुक को सबसे पहले सूप दिया गया. जैसे ही वांगचुक ने सूप की पहली चुस्की ली, उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई. वहां मौजूद डॉक्टर, परिवार के सदस्य और समर्थक भी मुस्कुरा उठे.
जी हां, सोनम वांगचुक ने पानी के बजाय सूप के कप से अपनी पहली चुस्की ली, जिससे लगभग चार हफ्ते बिना खाए रहने का अंत हुआ. चुस्की लेने के कुछ पल बाद सोनम वांगचुक ने एक ऐसी बात कही जो जल्द ही उस दिन की खास तस्वीर बन गई. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘भूख का स्वाद ज्यादा अच्छा होता है.’ फिर उन्होंने हंसते हुए कहा कि सूप तो अच्छा है, लेकिन भूख का स्वाद भी बुरा नहीं होता. यह सुनते ही अस्पताल का माहौल हल्का हो गया. वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं. कई लोगों के चेहरे पर राहत भी दिखाई दी. क्योंकि पिछले 26 दिनों से सभी को उनकी सेहत की चिंता थी.
28 जून से जारी था अनशन
सोनम वांगचुक ने 28 जून को भूख हड़ताल शुरू की थी. उनका कहना था कि नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए जाएं. उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने और मजबूत कानून बनाने की भी मांग की थी. अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी. पहले उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया. यहां डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे थे.
सोनम की जेपी नड्डा संग क्या बात हुई?
गुरुवार रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे. दोनों नेताओं के साथ लंबी बातचीत हुई. सरकार की ओर से परीक्षा सुधार, जवाबदेही तय करने और इन मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने का भरोसा दिया गया. इसके बाद सोनम वांगचुक अनशन खत्म करने के लिए तैयार हो गए. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अनशन खत्म करने के बाद उन्होंने एक्स पर एक लंबा संदेश लिखा. उन्होंने बताया कि यह फैसला कई दौर की बातचीत के बाद लिया गया है. साथ ही देश में संभावित हिंसा की आशंका भी इस फैसले की एक बड़ी वजह रही.



