संभल हिंसा की न्यायिक आयोग की रिपोर्ट आज विधानसभा में पेश की गई, जिसमें इस बात की जिक्र है कि हिंसा पूर्व नियोजित साजिश का नतीजा थी. आयोग ने सांसद जियाउररहमान बर्क, विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल समेत कई लोगों की भूमिका का जिक्र किया. रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे को लेकर मुस्लिम समुदाय में गलत जानकारी फैलाई गई.

रिपोर्ट के मुताबिक, 24 नवंबर 2024 को मस्जिद के बाहर बड़ी भीड़ जुटी, फिर हिंसा भड़क गई. पथराव, गोलीबारी और आगजनी में चार लोगों की मौत हुई थी. आयोग ने कहा, मृतकों को लगी गोलियां पुलिस की नहीं थीं. हिंसा में 28 पुलिसकर्मी घायल हुए. सात को गोली लगी. उपद्रवियों ने पुलिस के हथियार और सामान लूटने की भी कोशिश की.

आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई को प्रभावी और संयमित बताया. आयोग ने भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए अदालत के आदेशों के सम्मान और कानून के पालन पर जोर दिया है. वहीं, विधानसभा की कार्यवाही को लेकर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र को हंगामे के हवाले करना, युवाओं, किसानों और महिलाओं के साथ भारी अन्याय है.

सपा का आचरण युवाकिसानमहिला और गरीब विरोधी

सीएम ने कहा, इन तबकों के लिए कुछ नई योजना घोषित हो सके, गरीबों के कल्याण के लिए कुछ नए कार्यक्रम शुरू हो सकें, इसके लिए हम 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर आए लेकिन समाजवादी पार्टी के नकारात्मक रवैये के कारण युवाओं, किसानों, महिलाओं के स्वावलंबन के मुद्दे पर सदन में सपा ने कोई चर्चा नहीं होने दी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इनका आचरण युवा विरोधी, किसान विरोधी, महिला विरोधी, गरीब विरोधी है.

समाजवादी पार्टी का रवैया नकारात्मक

उन्होंने कहा, हमने प्रदेश में उस तबके लिए जो प्रदेश के विकास में लगकर काम कर रहा था, आंगनबाड़ी, रसोइया, ग्राम चौकीदार के साथ हर तबके को छूने का प्रयास किया, जिनके मानदेय बढ़ने हैं, महिला पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन इन सबपर चर्चा होनी थी लेकिन समाजवादी पार्टी का नकारात्मक रवैया, सदन में सदस्यों के द्वारा उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण मांग को आगे बढ़ा सकें, इसमे रुकावट बनी. इन सबके बावजूद विधानसभा ने सप्लीमेंट्री डिमांड पारित किया, साथ ही बहुत शीघ्र इन सभी तबके के लिए कार्य होगा.