देश की जानीमानी फाइनेंस कंपनी बजाज फाइनेंस ने अप्रैलजून तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं. कंपनी ने इस साल की पहली तिमाही में जबरदस्त कमाई की है. कंपनी का शुद्ध मुनाफा 27.4% उछलकर 5,986 करोड़ रुपये हो गया है. पिछले साल इसी समय कंपनी ने 4,699 करोड़ रुपये कमाए थे. 30 जुलाई को शेयर बाजार में बजाज फाइनेंस का शेयर 1056.05 रुपये पर बंद हुआ है.

ब्याज की कमाई से भरा खजाना

किसी भी फाइनेंस कंपनी की असली कमाई उस ब्याज से होती है, जो वह अपने ग्राहकों से वसूलती है. इस मोर्चे पर बजाज फाइनेंस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. कंपनी की शुद्ध ब्याज आय 23% बढ़कर 12,571 करोड़ रुपये हो गई है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 10,288 करोड़ रुपये था. इसके अलावा, कंपनी का कुल कारोबार जिसे वित्तीय भाषा में एसेट अंडर मैनेजमेंट कहते हैं, वह भी 24% बढ़कर 5.46 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. यानी, कंपनी ने बाजार में अपना पैसा पहले से ज्यादा फैलाया है.

सोना और ट्रैक्टर पर जमकर बंटा लोन

कंपनी के कारोबार में आए इस भारी उछाल के पीछे आम लोगों को दिए गए कर्ज का सबसे बड़ा हाथ है. सबसे ज्यादा तेजी गोल्ड लोन यानी सोने के बदले दिए जाने वाले कर्ज में देखने को मिली है. इसमें 112% का जबर्दस्त उछाल आया है और यह बढ़कर 21,152 करोड़ रुपये हो गया है. इसके बाद कमर्शियल गाड़ियों और ट्रैक्टर खरीदने के लिए लिए गए कर्ज का नंबर आता है, जो दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 4,355 करोड़ रुपये हो गया है.

चाहे गांव हो या शहर, हर जगह से कंपनी को अच्छा बिजनेस मिला है. ग्रामीण इलाकों में बांटे गए कर्ज में 49% और शहरी कर्ज में 38% की बढ़ोतरी हुई है. शेयरों के बदले दिए जाने वाले लोन में भी 34% का उछाल आया है. इसके साथ ही होम लोन और कार लोन के मामले में भी कंपनी ने काफी अच्छी रफ्तार पकड़ी है.

डूबते कर्ज घटे, कंपनी को मिली बड़ी राहत

जब कोई कंपनी कर्ज बांटती है, तो सबसे बड़ा डर पैसा डूबने का होता है. लेकिन बजाज फाइनेंस के लिए यहां भी बहुत अच्छी खबर है. कंपनी के फंसे हुए कर्ज यानी नॉनपरफॉर्मिंग एसेट में कमी आई है. ग्रॉस एनपीए मार्च तिमाही के 1.03% से घटकर अब 0.96% पर आ गया है. वहीं नेट एनपीए भी 0.50% से सुधरकर 0.39% हो गया है. यह आंकड़ा बताता है कि लोग समय पर अपनी ईएमआई चुका रहे हैं और कंपनी का पैसा बाजार में सुरक्षित है.

तेजी से जुड़ रहे हैं नए ग्राहक

कंपनी का कामकाज कितनी तेजी से बढ़ रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस तिमाही में कंपनी ने 1.61 करोड़ नए लोन पास किए हैं. पिछले साल इसी समय 1.34 करोड़ लोन दिए गए थे, यानी सीधे तौर पर 20% का उछाल आया है. कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 22% बढ़कर 10,137 करोड़ रुपये हो गया है. भविष्य की किसी भी आर्थिक अनहोनी से बचने के लिए कंपनी ने 296 करोड़ रुपये का एक अलग फंड भी सुरक्षित रखा है. अगर इसे हटा दें, तो कंपनी के नुकसान वाले कर्ज में वास्तव में 13% की कमी आई है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.