शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतरमंतर पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले हंगामा हुआ। जंतरमंतर के चारों तरफ बैरिकेडिंग है।संसद मार्च के दौरान पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक पहुंचे प्रदर्शनकारियों को लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया गया।

सीजेपी को विरोध स्थल से हटाया गया
पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी को विरोध स्थल से हटा दिया है। संसद मार्च को आंसू गैस व लाठीचार्ज से रोका गया था। प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पर फिर जमा हुए, नेता ने डटे रहने की बात कही। सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल का मंच भी हटा दिया गया।
अफवाहों को न फैलाएं: दिल्ली पुलिस
सीपी/पीआरओ राजीव रंजन ने कहा, जनता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्लेटफॉर्म के जरिए अफवाहों, गलत जानकारी या बिना पुष्टि वाली सामग्री पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं। नागरिकों से अनुरोध है कि वे जानकारी के लिए केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें और शांति, सद्भाव व कानूनव्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का सहयोग करें।’
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की
दिल्ली पुलिस के एडिशनल सीपी/पीआरओ राजीव रंजन ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने, संयम बरतने और शांति व कानूनव्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील करती है। सभी लोगों से अनुरोध है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से व्यवहार करें, किसी भी गैरकानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों या कर्मियों के कानूनी निर्देशों का पालन करें।
अखिलेश यादव ने सरकार और पुलिस पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने सरकार और पुलिस के रवैये की आलोचना की। उन्होंने लाठीचार्ज, आंसू गैस और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों द्वारा छात्रों से दुर्व्यवहार का उल्लेख किया। यादव ने कहा कि सरकार युवाओं की बड़ी संख्या का अनुमान नहीं लगा पाई, जो उसकी विफलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वर्षों से युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। यही गुस्सा अब दिख रहा है।
सपा सांसद ने सरकार पर बोला हमला
सपा सांसद इकरा हसन ने कहा, “जिस तरीके से देश के युवाओं के साथ और छात्रों के साथ व्यवहार यह सरकार कर रही है वो देखकर अफसोस हुआ। लाठीचार्ज हुआ, बच्चों के सर से खून बह रहा था, लड़कियों के कपड़े तक फाड़ रखे थे। जिस तरीके से अभद्रता का सबूत इस सरकार ने दिया है ये इनके अहंकार को दर्शाता है। ये लोकतंत्र को कमजोर करना चाहते हैं…ये बच्चे केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा चाहते हैं। प्रधानमंत्री का इस्तीफा कोई नहीं मांग रहा था, सरकार गिराने की कोई बात नहीं हो रही है।”
सीजेपी ने रखीं ये तीन मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद कहा, ‘हमने जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की। बैठक के दौरान हमने अपनी तीन मांगें रखीं। पहली, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए… दूसरी, हमारी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें; उन्हें या तो कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए या वे खुद इस्तीफा दें। जब तक उनका इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। तीसरी, हमारी मांग है कि नीट की तैयारी करने वाले उन छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, जिनमें से 20 से ज़्यादा छात्रों की मौत हो चुकी है। हम इन्हीं मांगों को लेकर जेपी नड्डा से मिले।’



