उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्रेमिका ने अपने ट्रक ड्राइवर प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर शव समेत पूरे ट्रक को आग के हवाले कर दिया. इस खौफनाक वारदात की आरोपी 40 साल की अमनदीप कौर को पकड़ लिया गया है. आरोप है कि महिला ने हत्या के बाद, सबूतों को भी मिटाने की कोशिश की. यह सनसनीखेज घटना पिछले महीने जुलाई की है, जब पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र में एक जलते हुए ट्रक के अंदर से ड्राइवर बलविंदर सिंह का जला हुआ शव बरामद हुआ था. इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसे प्रत्यक्षदर्शियों ने बना लिया. वीडियो में बलविंदर के शव को जलते देखा गया. हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में मामला एक हादसे जैसा लग रहा था, लेकिन जब परतें खुलीं तो जो सच सामने आया उसने सबको हैरान कर दिया. एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि अमदीप, जो मूल रूप से रामपुर के बिलासपुर की रहने वाली है और रुद्रपुर में रह रही थी, उसे गोमती गुरुद्वारे के पास से गिरफ्तार किया गया. आइए जानते हैं इस खौफनाक वारदात के पीछे की पूरी दास्तान.

क्या था हत्या के पीछे का असली कारण?

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की पूछताछ में आरोपी अमनदीप कौर ने जो खुलासा किया, वह हैरान करने वाला था. पुलिस के मुताबिक, अमनदीप और ट्रक ड्राइवर बलविंदर सिंह पिछले 2 से 3 साल से रिलेशनशिप में थे. लेकिन कुछ समय से अमनदीप इस रिश्ते को खत्म करना चाहती थी और आगे नहीं बढ़ाना चाहती थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जब उसने बलविंदर से रिश्ता तोड़ने की बात कही, तो बात बिगड़ गई. आरोप है कि बलविंदर उसे लगातार परेशान कर रहा था और उसके प्राइवेट फोटोग्राफ्स तथा वीडियोज को उसके परिवार वालों को दिखाने और सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था. इसी ब्लैकमेलिंग और प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने खौफनाक कदम उठाने का फैसला कर लिया.

कैसे दिया खौफनाक वारदात को अंजाम?

पिछले महीने, जब बलविंदर अपने ट्रक में था, तब अमनदीप ने सुनियोजित तरीके से उसे रास्ते में मिलने के लिए बुलाया या वहीं पहुंची. धन्ना बाबा गुरुद्वारे के पास नहर के किनारे खड़े ट्रक के अंदर उसने लोहे की रॉड से बलविंदर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. इस हमले में बलविंदर की मौके पर ही मौत हो गई. अपने गुनाह को छुपाने और पूरी घटना को एक एक्सीडेंट का रूप देने के लिए उसने शातिर तरीके से ट्रक पर डीजल छिड़का और आग लगा दी. वह चाहती थी कि शव और सबूत पूरी तरह जल जाएं ताकि किसी को शक न हो. हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और गहन छानबीन ने इस शातिर चाल की पोल खोल दी.

पुलिस ने क्या कार्रवाई की और सबूत कैसे मिले?

घटना के सामने आने के बाद मृतक के भाई गुरमीत सिंह की शिकायत पर 24 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने तकनीकी और जमीनी सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया. पूछताछ के दौरान आरोपी महिला की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और प्लास्टिक की वह केन (डिब्बा) भी बरामद कर ली है जिसका इस्तेमाल डीजल छिड़कने के लिए किया गया था. पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है और आरोपी महिला को सलाखों के पीछे भेज दिया है.