गुजरात के साबरमती रिवर फ्रंट की खूब चर्चा होती है, अब ठीक ऐसा ही रिवर फ्रंट दिल्ली में यमुना के किनारे बनने जा रहा है. यह रिवर फ्रंट दिल्ली में गुजर रही यमुना के पूरे 52 किमी हिस्से में बनेगा. इसके लिए दिल्ली सरकार ने फुलप्रूफ प्लान तैयार किया है. इस प्लान के तहत दो चरणों में प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा. इसमें साइकिल ट्रैक, पैदल चलने के रास्ते, खेल के मैदान, पिकनिक स्पॉट और मनोरंजन की जगहें होंगी.

दिल्ली सरकार में जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के मुताबिक इस प्रोजक्ट के लिए दिल्ली सरकार साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग साइन करने जा रही है. इसके बाद दिल्ली में 52 किमी लंबी यमुना को दो हिस्सों में बांटकर प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा. इसमें एक हिस्सा पल्ला से वज़ीराबाद तक होगा. वहीं दूसरे हिस्से में वज़ीराबाद से ओखला बैराज के पास कालिंदी कुंज तक काम होगा.
कंसल्टेंट की निगरानी में होगा काम
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के मुताबिक इस प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए कंसल्टेंट हॉयर किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सरकार इस प्रोजेक्ट पर जिस तेजी के साथ आगे बढ़ रही है, अगर कोई बाधा नहीं आई तो मौजूदा कार्यकाल में इसे पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद यमुना का किनार दिल्ली एवं आसपास के लोगों के लिए एक बेहतर पब्लिक स्पेस बन जाएगा, जहां लोग पिकनिक से लेकर जन्मदिन तक मनाने के लिए आएंगे.
साबरमती रिवर फ्रंट गए थे अधिकारी
मंत्री ने बताया कि हाल ही में उन्होंने दिल्ली जलबोर्ड, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के साथ साबरमंती रिवर फ्रंट का निरीक्षण किया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उस प्रोजेक्ट की अच्छी चीजों को यमुना रिवर फ्रंट में लागू करने की तैयारी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य यमुना रिवर फ्रंट के जरिए दिल्ली वासियों को एक साफ सुथरा और हराभरा और वर्ल्डक्लास पब्लिक स्पेस उपलब्ध कराना है.
ढाई साल में जिंदा होगी यमुना
उन्होंने बताया कि यमुना रिवरफ्रंट का उद्देश्य दिल्ली में एक बार फिर से यमुना को जिंदा करना है. इसके लिए ढाई साल की समय सीमा तय की गई है. इस दिशा में दिल्ली सरकार ने कवायद भी शुरू कर दी है. इसमें दिल्ली के 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में से 28 को अपग्रेड किया जा चुका है. वहीं बाकियों के अपग्रेडेशन का काम जारी है.



