Anthropic CEO AI Prediction: अभी तक ज्यादातर लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को सिर्फ नौकरी छीनने वाले एक खतरे के रूप में ही देखते हैं. लेकिन इसी बीच एआई को लेकर ऐसा बयान सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. AI की दुनिया की दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने इंसानों की उम्र को लेकर एक ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने सबको चौंका दिया है.

एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई की राय AI को लेकर सबसे अलग है. अमोदेई का मानना है कि अगर AI का सही और जिम्मेदारी से इस्तेमाल किया जाए तो, तो यह मानवता के लिए वरदान साबित होगा. डारियो के मुताबिक AI की मदद से इंसानों की औसत उम्र 150 साल तक पहुंच सकती है.

खतरनाक बीमारियों का होगा अंत
डारियो अमोदेई ने एक आर्टिकल मशीन्स ऑफ लविंग ग्रेस में समझाया है कि वे सिर्फ हवा-हवाई बातें नहीं कर रहे, बल्कि बायोफिजिक्स में अपनी पढ़ाई और एक्सपीरियंस के आधार पर यह दावा कर रहे हैं. उनका मानना है कि आने वाले समय में AI मेडिकल साइंस में ऐसे चमत्कार करेगा जो आज हमें नामुमकिन लगते हैं. जैसे-

अमोदेई के मुताबित AI मेडिकल सेक्टर में 10x की रफ्तार से काम करेगा.

पर्सनलाइज्ड इलाज
इंसानों में होने वाला कैंसर, सभी के शरीर में अलग-अलग होता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। AI मरीज के DNA के आधार पर ऐसी दवा तैयार करेगा जो सिर्फ कैंसर सेल्स को मारेगी, शरीर को नहीं.

अल्जाइमर का खात्मा
दिमाग की कठिन संरचना को समझने में इंसान को सदियां लग सकती हैं, लेकिन AI इसे कुछ ही सालों में डिकोड कर सकता है, जिससे याददाश्त खोने जैसी बीमारियां इतिहास बन जाएंगी.

खत्म होंगी संक्रामक बीमारियां
mRNA टेक्नोलॉजी और AI के मेल से भविष्य में किसी भी महामारी को रोकना आसान होगा.

10 साल में 100 साल जितनी तरक्की
अमोदेई ने इस दौर को द कंप्रेस्ड 21st सेंचुरी यानी सिमटी हुई 21वीं सदी नाम दिया है. अमोदेई का मानना है कि जो वैज्ञानिक प्रगति इंसान अगले 50 से 100 साल में करता, वह AI के आने के बाद मात्र 10 साल में ही पूरी की जा सकती है. AI एक ऐसे नोबेल पुरस्कार विजेता साथी की तरह काम करेगा जो जीव विज्ञान, गणित और इंजीनियरिंग में एक्सपर्ट्स होगा.

गरीबी और भुखमरी से भी होगी दूर
सिर्फ हेल्थकेयर ही नहीं, अमोदेई ने गरीबी पर भी बड़ी उम्मीदें जाहिर की है. उनका मानना है कि-

एआई की सहायता से विकासशील देशों की जीडीपी में 20% तक की सालाना बढ़ोतरी हो सकती है.

AI के जरिए खेती और खाद-रसद को इतना बेहतर बनाया जाए सकता है कि दुनिया से भुखमरी खत्म हो जाएगी.

इसके साथ ही ग्रीन एनर्जी और कार्बन हटाने की तकनीकों में AI बड़ा बदलाव लाएगा.

जब काम नहीं होगा, तो इंसान क्या करेगा?
अमोदेई स्वीकार ने यह भी कहा कि AI नौकरियां खत्म कर सकता है. लेकिन वे इसे एक पॉजिटव तरीके से देखते हैं. उनके अनुसार इंसान को काम के बजाय अपने शौक, रिश्तों के लिए समय मिलेगा. सरकारों को यूनिवर्सल बेसिक इनकम यानी UBI जैसे मॉडल अपनाने होंगे जिससे बिना नौकरी के भी लोग सम्मान से जी सकें.