Himachal Se: गर्मी के दिनों में दिनभर में तापमान कम ज्यादा होता रहता है। घंटों में टेंपरेचर में अचानक बहुत ज्यादा उतारचढ़ाव देखने को मिलता है, खासकर सुबह 11 बजे और शाम 4 बजे के बीज तापमान अपने चरम पर होता है। कई बार हम ध्यान नहीं देते, कई बार हमें इतनी ज्यादा गर्मी महसूस नहीं होती और कई बार ये सोच लेते हैं कि कुछ मिनटों में क्या ही हो जाएगा। लेकिन कुछ मिनटों की बात ही सेहत पर भारी पड़ सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच का समय आमतौर पर सबसे खतरनाक माना जाता है और इस दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए। इससे शरीर में हीट स्टोक और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। जानिए धूप में निकलने पर शरीर में क्या होता है?

सुबह 11 से शाम 4 बजे तक बाहर जाना क्यों है खतरनाक? चंद मिनट की धूप भी बिगाड़ सकती है सेहत​
सुबह 11 से शाम 4 बजे तक बाहर जाना क्यों है खतरनाक? चंद मिनट की धूप भी बिगाड़ सकती है सेहत​

11 बजे से 4 बजे के बीच की धूप क्यों है खतरनाक

गर्मी का पीक इस समय धूप और गर्मी अपने चरम पर होती है। सूर्य की किरणें अपने पीक पर होती हैं। अगर आप इस वक्त घर से बाहर निकलते हैं तो शरीर की नेचुरल कूलिंग प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। गर्मी के तनाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए, भले ही शुरुआत में इसके लक्षण दिखाई न दें।

निर्जलीकरण इस वक्त धूप में निकलने से तेजी से निर्जलीकरण होने का खतरा रहता है। इस समय अगर आप थोड़ी देर के लिए भी बाहर निकलते हैं, तो तुरंत पसीना आने लगता है और शरीर सूखने लगता है। जब तक प्यास या थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तब तक शरीर पहले से ही इसकी भरपाई करने में लगा होता है।

थकान तेज गर्मी में निकलने से जब शरीर से पसीना अधिक निकल जाता है तो थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। कई बार इंसान को इसका अहसास नहीं होता है लेकिन सिरदर्द, चक्कर आना और असामान्य थकान जैसे शुरुआती लक्षणों पर भी गौर करना चाहिए।

हार्ट और ब्लड प्रेशर पर असर भीषण गर्मी के दौरान घर से निकलना घातक हो सकता है। इससे हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। तापमान ज्यादा होने के कारण अंदरूनी अंगों पर तनाव पड़ता है। गर्म मौसम में शरीर को खुद को ठंडा रखने के लिए कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और इसका मतलब अक्सर त्वचा की ओर अधिक ब्लड फ्लो करना होता है। इससे दिल पर दबाव पड़ता है।

किन लोगों को धूप से बचाव करना चाहिए?

वैसे तो मई जून की धूप और गर्मी सभी के लिए बीमार करने वाली होती है। लेकिन खासतौर से बच्चे और बुजुर्गों को इस धूप से बचने की जरूरत है। बच्चे और बुजुर्ग अक्सर गर्मी को महसूस नहीं करते हैं और यही उन्हें जल्दी बीमार बना सकता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सिर्फ खुले में बाहरी काम करने वालों के लिए ही खतरा नहीं है, यहां तक ​​कि वे लोग भी जो थोड़े समय के लिए बाहर रहते हैं खतरे में हैं। इसके लिए रोज़मर्रा के कामों को जल्दीजल्दी निपटाएं, आनाजाना या बच्चों को स्कूल से लानाले जाना भी जोखिम बढ़ा सकते हैं।

धूप से कैसे बचें?

सबसे पहले तो सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे की बीच घर से न निकलें। अगर किसी वजह से जाना पड़ रहा है तो पानी पीते रहें। धूप में खड़े होने की बजाय कहीं छाया में खड़े हों। सिर और शरीर को किसी सूती कपड़े से कवर करके रखें। आंखों पर काला धूप से बचने वाला चश्मा लगाएं। जहां तक ​​संभव हो पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हुए रहें। हल्का खाना खाकर घर से निकलें। पानी के अलावा पानी से भरपूर चीजें भी खाते रहें।