Thursday, January 15, 2026
Politics

अजित पवार को बीएमसी चुनाव में अपने साथ क्यों नहीं ले रही भाजपा? उधर चाचा के साथ भी जाने का प्लान हुआ फेल!..

अजित पवार को बीएमसी चुनाव में अपने साथ क्यों नहीं ले रही भाजपा? उधर चाचा के साथ भी जाने का प्लान हुआ फेल!..
अजित पवार को बीएमसी चुनाव में अपने साथ क्यों नहीं ले रही भाजपा? उधर चाचा के साथ भी जाने का प्लान हुआ फेल!..

Maharashtra Municipal Corporation Elections: महाराष्ट्र में आगामी पुणे नगर निगम चुनावों को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के बीच गठबंधन की वार्ता शुक्रवार को एक बार फिर फेल हो गई. जानकारी के अनुसार, अजित पवार और शरद पवार के नेतृत्व वाले गुटों के बीच सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई जिसके बाद शरद पवार गुट ने महा विकास अघाड़ी (MVA) की ओर रुख किया. सूत्रों के अनुसार, पुणे में हुई बैठक में अजित पवार गुट ने शरद पवार गुट को महज 35 सीटें देने का प्रस्ताव रखा था. शरद पवार गुट ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और बैठक से बाहर चले गए. इसके बाद शरद पवार गुट ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और कांग्रेस के साथ गठबंधन वार्ता शुरू कर दी. पुणे के एक होटल में हुई इस बैठक में शरद पवार गुट के बापूसाहेब पथारे और अंकुश काकडे, कांग्रेस के अरविंद शिंदे और रमेश बागवे और शिवसेना (उद्धव गुट) के वसंत मोरे शामिल हुए.

अजित पवार और शरद पवार के बीच क्यों नहीं संभव हो सका गठबंधन

बता दें, अजित पवार और शरद पवार के रिश्ते में खटास तब आई थी जब अजित पवार ने 3 साल पहले अपने चाचा शरद पवार का साथ छोड़कर भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हो गए थे. अब, दोनों पवार पुणे नगर निगम चुनावों में एक साथ लड़ने को तैयार थे लेकिन सीट बंटवारे पर असहमति के कारण यह गठबंधन संभव नहीं हो सका. अजित पवार और शरद पवार के बीच यह मतभेद पार्टी के भीतर और राज्य की सियासत में हलचल मचा रहे हैं. इन चुनावों में शरद पवार गुट के लौटने से महा विकास अघाड़ी (MVA) की स्थिति मजबूत हो सकती है जो पहले शिवसेना (उद्धव गुट) और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का विचार कर रहा था.

इस बीच, बीएमसी चुनाव को लेकर एनसीपी (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. यह बैठक बांद्रा स्थित ‘मातोश्री’ में हुई जिसमें दोनों दलों के बीच संभावित गठबंधन पर चर्चा की गई. यह मुलाकात उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे (MNS) के गठबंधन की घोषणा के दो दिन बाद हुई. नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ सभी दलों में गठबंधन के प्रयास तेज हो गए हैं.

वहीं, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में भी सीट बंटवारे को लेकर गतिरोध बना हुआ है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के बीच 17 सीटों पर सहमति नहीं बनी है हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बैठक में 210 सीटों पर समझौता हो चुका है. बता दें, पुणे नगर निगम की 165 सीटों पर 15 जनवरी को चुनाव होंगे जिससे राज्य की सियासत में एक नया मोड़ आ सकता है.

अजित पवार को BMC चुनाव में साथ क्यों नहीं ले रही भाजपा?
भाजपा ने बीएमसी चुनावों में अजित पवार को अपने साथ क्यों नहीं लिया इस सवाल पर सियासी चर्चा तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने अजित पवार के साथ गठबंधन के लिए कोई भी आधिकारिक पहल नहीं की है जबकि अजित पवार के नेतृत्व में उनकी पार्टी एनसीपी के कई वरिष्ठ नेता भाजपा के साथ गठबंधन के लिए बात कर रहे थे. बता दें, अजित पवार और उनके गुट की भाजपा के साथ पिछले कुछ समय से नजदीकी बढ़ी है लेकिन बीएमसी चुनाव में भाजपा ने उन्हें और उनकी पार्टी को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है. सूत्रों का कहना है कि बीएमसी चुनाव में भाजपा ने तय किया है कि गठबंधनों पर निर्भर रहने का कोई प्रयास किया जाएगा.

me.sumitji@gmail.com

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