Himachal Se: इंसान की जब उम्र बढ़ने लगती है तो त्वचा ढीली हो जाती है। मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं जिसकी वजह से शरीर में हाथ, पैर, गर्दन और कई बार माथे की नसें साफ दिखाई देने लगती हैं। उम्र के साथ कुछ लोगों में ये समस्या ज्यादा बढ़ जाती है। वहीं कई बार युवाओं में भी माथे की नसें साफ दिखती हैं। इसका कारण ज्यादा तनाव और गुस्सा है। कई बार तनाव में रहने से भी माथे पर नसें ज्यादा दिखाई देने लगती हैं। अगर आपका वजन जरूरत से ज्यादा कम हो गया है तो भी नसें उभरने लगती हैं। हालांकि नसें दिखना कोई बहुत घबराने वाली कंडीशन नहीं है। अगर ऊभरी हुई नसों में दर्द है तो ये गंभीर समस्या भी हो सकती है। आपको डॉक्टर सो जरूर दिखाना चाहिए। आइये जानते हैं नसें क्यों उभरने लगती हैं।

माथे की नसें क्यों दिखने लगती हैं, नस फड़कने पर क्या करें, जानिए इसके कारण और ठीक करने के उपाय​
माथे की नसें क्यों दिखने लगती हैं, नस फड़कने पर क्या करें, जानिए इसके कारण और ठीक करने के उपाय​

माथे की नसें क्यों दिखती हैं?

प्रोफेसर डॉ भुमेश त्यागी अक्सर ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिसमें माइग्रेन, टेंशन, हेडेक और मसल ट्विचिंग होती है। इसकी वजह बहुत ज्यादा सोचना, काम का प्रेशर, मसल टाइटन हो जाती है और नस फड़कने लगती है। कई बार 68 घंटे की नींद पूरी न होने और नर्वस सिस्टम को इरिटेट करना भी इसका कारण हो सकता है। कुछ लोगों में ज्यादा कैफीन लेना और ट्विचिंग इससे बढ़ती है तो भी माथे के नस फूलते हैं या फड़कते हैं। अगर आपकी बॉडी में फ्लूइड्स कम है तो हेडेक होता है और साथ ही नस भी फूल जाती है।

विटामिन बी12 और मैग्नीशियम की कमी

अगर शरीर में मैग्नीशियम या विटामिन बी12 की कमी है तो ये भी नसों के फूलने और फड़कने का कारण हो सकता है। अगर आप बहुत ज्यादा मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं। आंखों पर स्ट्रेस पड़ता है और फोरहेड मसल्स पर भी इसका असर साफ दिखता है। तो समझ लीजिए स्क्रीन टाइम कम करना जरूरी है। अगर यह सिम्टम्स बारबार या लंबे वक्त तक हो तो नस बहुत तेज धड़क रही है। नस के दिखने के साथसाथ सिर दर्द और उल्टी का भी एहसास है। आंखों के सामने धुंध या चक्कर हैं तो डॉक्टर को तुरंत दिखाना चाहिए।

माथे की नस फड़कने पर क्या करें

वैसे तो नसों को फड़कना अपने आप ही बंद हो जाता है, लेकिन आपको परेशान हो रही है तो माथे पर आइस पैक लगा सकते हैं। किसी कपड़े में बर्फ लपेटकर माथे पर रख लें, इससे थोड़ा आराम मिलेगा। लंबे समय तक स्क्रीन देख रहे हैं तो सिस्टम से थोड़ी दूर रखें और डीप ब्रीदींग करें। इससे दिमाग और नसों को आराम मिलेगा। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ध्यान दें कि आपको रोजाना 78 घंटे की अच्छी नींद लेनी है। भरपूर पानी पीएं और कैफीन का सेवन कम कर दें। नसों को आराम देने के लिए मैग्नीशियम और विटामिन बी12 से भरपूर खाना जरूर खाएं।