Himachal Se: MP Crime Data: मध्य प्रदेश में रिश्तों का कत्ल आम बात होती जा रही है। 2025 से लेकर 2026 की शुरुआत तक, ‘पति, पत्नी और वो’ की उलझन ने कई परिवारों को श्मशान पहुंचा दिया है। इंदौर के राजा रघुवंशी से लेकर धार के देवकृष्ण और जबलपुर की महिला भक्त और पुजारी तक, बेवफाई की दास्तां अब रूह कंपा देने वाली है. प्यार, भरोसा और साथ निभाने की कसमें अब कई जगह साजिश, धोखा और खून से बदलती नजर आ रही हैं. एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों ने न सिर्फ पुलिस बल्कि समाज को भी झकझोर कर रख दिया है. हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि शादी जैसे पवित्र रिश्ते में भी शक और डर ने जगह बना ली है.

दरअसल, अवैध संबंधों और सोशल मीडिया पर पनप रहे रिश्तों का खौफनाक अंत लगातार सामने आ रहा है. फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शुरू हुई प्रेम कहानियां अब हत्या का रूप ले रही हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहां शादीशुदा महिला ने अपने पुराने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू उर्फ पप्पू जाट की बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपियों ने पहले वीरू को 900 किलोमीटर दूर से मिलने के बहाने बुलाया, फिर बेसबॉल बैट से पीटपीटकर मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद शव के हाथपैर बांधकर मुंह पर टेप लगाया गया और बोरी में भरकर करीब 200 किलोमीटर दूर रायसेन जिले में पुल के नीचे 40 फीट गहरी खाई में फेंक दिया गया.
इससे पहले सिवनी जिले केवलारी थाने में उस वक्त सभी हैरान रह गए, जब अहरवाड़ा गांव निवासी शशांक लखेरा अपनी पत्नी अपूर्वा और उसके प्रेमी जयदीप तिवारी के साथ पहुंचे. जहां आमतौर पर ऐसे मामलों में विवाद और मारपीट देखने को मिलती है, वहीं शशांक ने अनोखा फैसला लेते हुए पत्नी को उसके प्रेमी के साथ जाने की सहमति दे दी. शशांक ने बताया कि शादी के बाद उसे पत्नी और जयदीप के प्रेम संबंधों की जानकारी मिली थी और काफी समझाने के बावजूद अपूर्वा नहीं मानी. अंततः थाने में तीनों की सहमति से लिखित दस्तावेज तैयार किए गए, जिसमें अपूर्वा ने पति से रिश्ता खत्म कर प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई, जबकि जयदीप ने उसकी जिम्मेदारी उठाने का हलफनामा दिया. पुलिस ने पूरे मामले को आपसी सहमति का मामला मानते हुए रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया.
पति पत्नी में अनोखा एग्रीमेंट
अक्सर त्रिकोणीय प्रेम कहानियों का अंत हत्या या जेल की सलाखों के पीछे होता है, जैसा कि हाल ही में इंदौर और धार के मामलों में देखा गया. लेकिन सिवनी के इस शांतिपूर्ण अलगाव ने नई बहस छेड़ दी है. लोग इसे सोशल मीडिया पर ‘अनोखा एग्रीमेंट’ कह रहे हैं. पति के इस कदम की जहां कुछ लोग तारीफ कर रहे हैं वहीं कुछ इसे समाज के गिरते मूल्यों का उदाहरण मान रहे हैं. फिलहाल अपूर्वा अब अपने प्रेमी जयदीप के घर जा चुकी है और शशांक ने उसे अपनी मर्जी से विदा कर इस प्रेम त्रिकोण का ‘अहिंसक’ अंत कर दिया.
आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश में पत्नी और प्रेमियों के बीच अवैध संबंधों के चलते होने वाली हत्याओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। NCRB के 20202024 के आंकड़ों के अनुसार, एमपी में पत्नी द्वारा पति की हत्या के 79 मामले दर्ज हुए थे, लेकिन 2025 और 2026 की शुरुआती तिमाहियों ने पुराने सारे रिकॉर्ड्स को खतरे में डाल दिया है. लेकिन ये घटनाएं सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं. मध्य प्रदेश के अलगअलग जिलों से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं.
सोनमराजा रघुवंशी केस
इंदौर का राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम के साथ खुशियां मनाने मेघालय गया था, लेकिन उसे क्या पता था कि सोनम ने पहले ही उसकी मौत का सौदा कर लिया है. कॉन्ट्रैक्ट किलर्स के जरिए अपने ही सुहाग को मौत के घाट उतरवा दिया गया. फिलहाल, सोनम को शिलांग कोर्ट ने जमानत दे दी है जिसको लेकर अब शिलांग पुलिस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
पत्नी को पसंद नहीं था पति का रंग
वहीं. इंदौर के राऊ इलाके में 12 अप्रैल 2026 को हुई वारदात ने सनसनी फैला दी. यहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की सुपारी दे दी, करीब 70 हजार रुपये में मौत का सौदा तय हुआ. आरोपी ने मौका देखकर देसी पिस्टल से गोली मार दी. पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई अचानक हुआ अपराध नहीं, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया था. पत्नी और प्रेमी के बीच अवैध संबंध इस हत्या की जड़ बने.
पत्नी को पसंद नहीं था पति का काला रंग, बस इतनी सी बात पर प्रेमी के साथ मिलकर पति हत्या कर दी. धार के गोंदीखेड़ा में 25 साल की प्रियंका ने जो किया, उसने पुलिस को भी हिला दिया. पति देवकृष्ण उसके अवैध संबंधों में रोड़ा बन रहा था. प्रियंका ने प्रेमी कमलेश के साथ मिलकर न केवल हत्या करवाई, बल्कि इसे ‘लूटपाट’ का रूप देने के लिए खुद को भी पीड़ित बताया. खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने प्रियंका के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले.
प्रेमी संग मिलकर पति को मरवाया
भिंड जिले में तो और भी चौंकाने वाली घटना हुई. पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर बाइक से जा रहे पति को रास्ते में रुकवाया और फिर गोली मरवा दी. बाद में इसे लूट का मामला बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन सच्चाई ज्यादा देर छुप नहीं पाई.
मंदसौर के भानपुरा में धनराज नाथ योगी की पत्नी ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं. 5 साल से चल रहे प्रेम प्रसंग के चलते उसने प्रेमी पंकज चौधरी के साथ मिलकर पति को मारा. इतना ही नहीं, सबूत मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए और उसे खेत में जलाकर राख तक दफन कर दी.
रीवा जिले के शाहपुर गांव में भी प्रेम प्रसंग हत्या की वजह बना. पत्नी और उसके प्रेमी के बीच एक साल से संबंध थे. जब पति को इसका पता चला, तो उसने पत्नी का मोबाइल छीन लिया. यही बात उसकी जान की दुश्मन बन गई. प्रेमी के गांव लौटते ही दोनों ने मिलकर हत्या कर दी.
टैंक से मिला पति का कंकाल
सागर जिले के शाहपुर में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने के लिए उसे जहर दे दिया. हत्या के बाद शव को घर के ही पानी के टैंक में फेंक दिया गया. 6 महीने तक आरोपी पत्नी सबको गुमराह करती रही, लेकिन जब टैंक से असहनीय बदबू आने लगी और शक गहराया, तब पुलिस ने दबिश दी और कंकाल बरामद कर वारदात का पर्दाफाश किया.
वेलेंटाइन डे 14 फरवरी के दिन जबलपुरमंडला की सीमा पर एक महिला जमुना उर्फ कविता ने मंदिर के पुजारी प्रेमी सूर्यकांत त्रिपाठी के साथ मिलकर अपने पति सुमित काछी की हत्या कर दी. महिला और पुजारी के बीच अवैध संबंध थे. जब पति सुमित ने इसका विरोध किया, तो दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची. आरोपियों ने पहले पति पर क्रिकेट बैट से ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई. इसके बाद शव को जंगल में ले जाकर ठिकाने लगा दिया. मामले को छुपाने के लिए पत्नी ने खुद थाने में पति की गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन कॉल रिकॉर्ड्स ने पुजारी और पत्नी का राज खोल दिया.
फेसबुक फ्रेंड की एक्स बॉयफ्रेंड संग मिलकर हत्या
नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा में रहने वाली एक शादीशुदा महिला ने अपने पुराने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर फेसबुक फ्रेंड बने दूसरे प्रेमी राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी 32 वर्षीय वीरू उर्फ पप्पू जाट की हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपियों ने खून साफ किया, शव के हाथपैर बांधे, मुंह पर टेप लगाया और बोरी में भरकर करीब 200 किलोमीटर दूर रायसेन जिले में पुल से 40 फिट नीचे फेंक दिया.
वैज्ञानिकों का क्या कहना है?
विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कई सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं. मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों को आसानी से नए रिश्ते बनाने का मौका दिया है. वहीं, पारिवारिक संवाद की कमी, आपसी विश्वास का टूटना और त्वरित फैसले लेने की प्रवृत्ति भी इन अपराधों को बढ़ा रही है. इसके अलावा, कई मामलों में देखा गया है कि लोग रिश्ते खत्म करने के बजाय हिंसक रास्ता चुन रहे हैं. कानूनी प्रक्रिया या आपसी बातचीत के जरिए अलग होने की बजाय हत्या जैसे गंभीर अपराध को अंजाम देना समाज के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है. इन घटनाओं का एक असर यह भी दिख रहा है कि समाज में पतिपत्नी के रिश्ते को लेकर अविश्वास बढ़ रहा है.
सबसे बड़ा सवाल यही है क्या रिश्तों में संवाद खत्म हो रहा है क्या लोग अब समस्याओं का समाधान बातचीत से नहीं, बल्कि अपराध से करने लगे हैं. इन सवालों के जवाब आसान नहीं हैं, लेकिन इतना जरूर है कि अगर समय रहते समाज ने इस दिशा में ध्यान नहीं दिया, तो ऐसे मामलों की संख्या और बढ़ सकती है. फिलहाल जरूरत है जागरूकता की, संवाद की और कानून के सख्त पालन की. क्योंकि जब रिश्ते ही खून से रंगने लगें, तो यह सिर्फ एक परिवार की नहीं पूरे समाज की हार होती है.



