
Shakun Apshakun: शास्त्रों में पूजा-पाठ को दैनिक जीवन का अहम हिस्सा माना गया है. यही वजह है कि अधिकांश लोग दिन की शुरुआत पूजा-पाठ या अपने इष्ट का स्मरण कर करते हैं. शास्त्रों के मुताबिक, नियमित रूप से पूजा-पाठ करने पर जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है. यही वजह है कि साधु-संत और सन्यासी लोग ब्रह्म मुहूर्त में उठकर अपने आराध्य या इष्ट देव का ध्यान करते हैं. मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-पाठ करने से बेहद शुभ फल प्राप्त होता है. इसके अलावा इस दौरान भगवान का स्मरण करने से हर प्रकार की मनोकामना पूर्ण हो जाती है. यही वजह है कि लोग अपने जीवन से कीमती समय निकालकर पूजा-पाठ करते हैं. पूजा-पाठ या मंत्र जाप के दौरान कई बार ऐसा होता है कि किन्हीं वजहों से उबासी या नींद आने लगती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा-पाठ के दौरान अचानक नींद या उबासी आना किस बात का संकेत हो सकता है. अगर आप भी पूजा-पाठ से जुड़े इन संकेतों से अनजान हैं, तो चलिए जानते हैं कि इस बारे में शास्त्र-पुराण क्या कहते हैं.
पूजा-पाठ के दौरान क्यों आती है नींद या उबासी?
पूजा-पाठ को लेकर पौराणिक मान्यता है कि अगर इस दौरान नींद या उबासी आ रही है तो, इसका अर्थ है कि आपका पूजा-पाठ में मन नहीं लग रहा है. इसके अलावा थकावट की वजह से भी उबासी या नींद आ सकती है. कई बार बेचैनी, चिंता और अनावश्यक उलझन की वजह से भी नींद या उबासी आ सकती है. कई बार शांत वातावरण की वजह से भी शरीर और मन आराम की अवस्था में चले जाते हैं, जिससे नींद आने लगती है.
पूजन के दौरान नींद या उबासी आना किस बात का संकेत
शास्त्र-पुराणों के जानकार बताते हैं कि पूजन के दौरान नींद आना ऊर्जा के असंतुलन का संकेत देता है. शास्त्रीय मान्यताओं के मुताबिक, शरीर में 7 चक्र होते हैं, जो ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं. ऐसे में जब इनमें से किसी भी एक चक्र का संतुलन बिगड़ता है तो, इसका मन और मस्तिष्क पर गहर प्रभाव पड़ता है. यही वजह है जब पूजा में मन एकाग्र या स्थिर नहीं रहता है तो, नींद या उबासी आने लगती है. शास्त्रों में इसे एक प्रकार का अपशकुन माना गया है.
ईश्वर के प्रति भक्ति में कमी
शास्त्र-पुराण कहते हैं कि जब पूजा-पाठ के दौरान नींद या उबासी आती है तो, इसका अर्थ है कि व्यक्ति का पूरा समर्पण ईश्वर के प्रति नहीं है. ऐसी स्थिति में एकाग्रता ईश्वर से जुड़ने के बजाय दूसरी दिशा में चली जाती है. यही वजह है कि पूजा-पाठ के बीच में ही नींद या उबासी आने लगती है.
पूजन के समय उबासी या नींद आए तो क्या करें?
आमतौर पर ऐसा देखा जाता है कि जब व्यक्ति शरीर से थका रहता है तो उसे नींद या उबासी आने लगती है. ऐसे में व्यक्ति को अपने पूजा करने का समय बदलकर देखना चाहिए. अगर सुबह से समय पूजा करने में नींद या उबासी आ रही है तो, थोड़ी देर रुककर पूजा करनी चाहिए. इसके अलावा पूजन के दौरान बैठने की मुद्र में भी बदलाव करना चाहिए. ऐसा करने से लाभ हो सकता है.