Himachal Se: बीटरूट यानी चुकंदर का जूस पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। अगर आप लगातार 7 दिनों तक रोजाना इसका सेवन करते हैं, तो शरीर में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि इसका सही मात्रा और सही समय पर सेवन करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं रोजाना बीटरूट जूस पीने के फायदे और इसे पीने का सही तरीका।

सात दिनों तक चुकंदर का जूस पीने से हो सकते हैं ये फायदे:
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ब्लड वेसल्स को फैलाता है: चुकंदर नाइट्रेट से भरपूर होता है जो रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करने में मदद करता है। जब ब्लड वेसल्स फैलता है तब ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है जिससे हृदय को काम करने में कम मेहनत करनी पड़ती है। बीएमसी न्यूट्रिशन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, एक सप्ताह तक चुकंदर के रस का नियमित सेवन ब्लड प्रेशर को को 510 मिमीएचजी तक कम कर देता है।
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सूजन कम होता है: चुकंदर में बीटालेन होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। ये यौगिक ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करता है। एक स्टडी में पाया गया कि चुकंदर का रेगुलर सेवन Cरिएक्टिव प्रोटीन को कम करता है, जो सूजन का एक मुख्य मार्कर है। सूजन कम होने से दिल की सेहत बेहतर होती है, जोड़ों के दर्द से आराम मिलता है और मेटाबोलिज़्म भी बूस्ट होता है।
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लिवर होता है डिटॉक्स: बीटरूट का जूस एक हफ्ता तक पीने से लिवर की हेल्थ बेहतर होती है। चुकंदर के कंपाउंड ग्लूटाथियोन को बढ़ाकर लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। बता दें, ग्लूटाथियोन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर को टॉक्सिन को प्रोसेस करने में मदद करता है।
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दिमाग और पेट के लिए फायदेमंद: बता दें बीटरूट का जूस पीने से ब्लड सर्कुलेशन बेहत होता है. इस वजह से ब्लड फ़्लो दिमाग तक भी पहुँचता है। इसमें मौजूद फाइबर एक ‘प्रीबायोटिक’ की तरह काम करता है। यह पेट के अच्छे बैक्टीरिया का खाना बनता है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज जैसी समस्याएं दूर रहती हैं।
कब और कितना पीना चाहिए
रोजाना चुकंदर का जूस लगभग 100200 मिलीलीटर यानी आधा से एक छोटा गिलास पीना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसे सुबह खाली पेट या वर्कआउट से 3060 मिनट पहले पीना अच्छा होता है।
किन लोगों को रहना चाहिए सावधान?
वैसे तो बीटरूट का जूस सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन जिन लोगों को किडनी स्टोन होने का खतरा होता है, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इसमें मौजूद ऑक्सलेट पथरी की वजह बन सकता है. साथ ही इसे रोज़ाना की आदत बनाने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेना चाहिए?



