Bharatpur Fake Medicines Case: राजस्थान के भरतपुर जिले में बयाना सदर थाना क्षेत्र के खटनावली गांव में सूखे कुएं से करीब पांच करोड़ रुपए की नकली दवाइयां मिलने के मामले में पुलिस ने आगरा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इकरार, शामिन और सलुआ उर्फ मुकीम के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, दवाइयां आगरा से ट्रक में भरकर बयाना लाई गई थीं.

मामले में दवा होलसेलर हिमांशु अग्रवाल और आशीष अभी फरार हैं. राजस्थान के भरतपुर जिले में बयाना सदर थाना क्षेत्र के खटनावली गांव में सूखे कुएं से करीब पांच करोड़ रुपए की नकली दवाइयां मिलने के मामले में पुलिस ने आगरा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इकरार, शामिन और सलुआ उर्फ मुकीम के रूप में हुई है.
पहले भी नकली दवाओं के मामले में गिरफ्तार हो चुका है आरोपी
पुलिस के अनुसार, दवाइयां आगरा से ट्रक में भरकर बयाना लाई गई थीं. मामले में दवा होलसेलर हिमांशु अग्रवाल और आशीष अभी फरार हैं. दवा विभाग के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी हिमांशु अग्रवाल पहले भी नकली दवाओं के प्रकरण में गिरफ्तार हो चुका है. आशंका जताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश में कार्रवाई से बचने के लिए दवाइयों को राजस्थान में लाकर छिपाया गया था.
हार्ट, बीपी और डायबिटीज समेत कई बीमारियों की दवाइयां मिलीं
हालांकि, दवाइयों को यहां छिपाने के पीछे की वास्तविक वजह और इनके वितरण नेटवर्क का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा. 25 सितंबर को खटनावली गांव के सूखे कुएं से 274 कार्टन दवाइयां बरामद हुई थीं. इनमें हार्ट, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और एलर्जी सहित कई बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां शामिल हैं.
यूपी के दवा नियंत्रण विभाग को दी गई थी सूचना
बरामद दवाइयों में लोसार50, जानुमेट, केटोरोलएम, एलेग्राएम और जालरा जैसी दवाएं भी हैं. इनमें कई दवाइयों की उपयोग अवधि समाप्त हो चुकी थी. राजस्थान में दवाइयों का इतना बड़ा जखीरा मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के दवा नियंत्रण विभाग को सूचना दी गई थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद आगरा के मलपुरा क्षेत्र में एक बाड़े से भी बड़ी मात्रा में दवाइयां बरामद हुईं.
इनके वैध लाइसेंस नहीं मिलने पर दवाइयां जब्त कर प्राथमिकी दर्ज की गई. अब पुलिस दोनों स्थानों से मिले दवाइयों के जखीरे के बीच संबंध और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है.



