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Vaishali Doctor Arrested Taking Bribe: बिहार में सरकारी ओहदों पर बैठकर कमीशनखोरी करने वालों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने एक और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। वैशाली जिले के पटेढ़ी बेलसर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कामिनी प्रसाद और उनके कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु कुमार को 8,600 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है।

इस गिरफ्तारी के फौरन बाद जब निगरानी की टीम ने महिला डॉक्टर के पटना स्थित रिहाइशी मकान पर छापा मारा तो वहां काली कमाई का बड़ा जखीरा सामने आया। देर रात तक चली तलाशी में लाखों रुपये की नकदी गहने और अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पटेढ़ी बेलसर में निगरानी का जाल और रंगे हाथ गिरफ्तारी

निगरानी ब्यूरो को बेलसर आयुष्मान आरोग्य मंदिर के सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (CHO) जयपाल सिंह ने इस बाबत लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि इन्सेंटिव, मोबाइल रिचार्ज और ट्रांसपोर्टेशन मद के कुल 1,29,800 रुपये के बकाये भुगतान को मंजूरी देने के एवज में प्रभारी डॉक्टर, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर की तरफ से 10 फीसदी कमीशन की मांग की जा रही थी।

शिकायत की तस्दीक कराने के बाद जब मामला पूरी तरह सही पाया गया तो विजिलेंस के धावादल ने जाल बिछाया। शुक्रवार को जैसे ही परिवादी ने पीएचसी दफ्तर में तयशुदा रकम में से 8,600 रुपये डॉ. कामिनी प्रसाद को सौंपे बाहर सादे लिबास में तैनात निगरानी दस्ते ने उन्हें और डाटा ऑपरेटर हिमांशु कुमार को मौके पर ही दबोच लिया।

पटना आवास से 15 लाख नकद, लिफाफों में बंद मिला कमीशन

पीएचसी में गिरफ्तारी की करने के बाद जांच एजेंसी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपी डॉक्टर के पटना स्थित आवास की तलाशी शुरू की। देर शाम शुरू हुई इस छानबीन में घर की अलमारियों से 15.12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

हैरानी की बात यह रही कि बरामद नकदी में से 5.89 लाख रुपये 16 अलग-अलग लिफाफों में रखे हुए थे। जांच से जुड़े अफसरों का मानना है कि यह लिफाफे अलग-अलग स्वास्थ्य कर्मियों और योजनाओं से वसूले गए कमीशन के हो सकते हैं। मौके से सोने-चांदी के कीमती जेवरात, एक फ्लैट की रजिस्ट्री और कई बीमा पॉलिसियों के कागजात भी जब्त किए गए हैं जिनकी कानूनी जांच की जा रही है।

बैंक में एक करोड़ का बैलेंस

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने मीडिया को जानकारी दी कि आरोपी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के बैंक खातों की शुरुआती पड़ताल में करीब एक करोड़ रुपये जमा होने की पुष्टि हुई है। जांच एजेंसी अब डॉक्टर के तमाम बैंक खातों को फ्रीज कराने की तैयारी में है।

स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों और लोगों का कहना है कि पीएचसी में बिना चढ़ावा दिए किसी भी तरह के बिल का भुगतान मुमकिन नहीं था। निगरानी अफसरों के मुताबिक बरामद संपत्तियों के आधार पर अब आय से अधिक संपत्ति (डीए) का नया मुकदमा दर्ज करने की तैयारी भी की जा सकती है। फिलहाल गिरफ्तार डॉक्टर और कंप्यूटर ऑपरेटर से पूछताछ जारी है ताकि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों की पहचान की जा सके।

FAQ

Q1. वैशाली में किस महिला डॉक्टर को निगरानी विभाग ने गिरफ्तार किया है?

पटेढ़ी बेलसर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कामिनी प्रसाद को 8,600 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है।

Q2. डॉक्टर के साथ और किसे हिरासत में लिया गया है?

घूसखोरी के इस मामले में डॉक्टर के साथ पीएचसी के कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु कुमार को भी निगरानी टीम ने गिरफ्तार किया है।

Q3. रिश्वत की रकम किस काम के बदले मांगी गई थी?

आयुष्मान आरोग्य मंदिर के सीएचओ के इन्सेंटिव, मोबाइल रिचार्ज और ट्रांसपोर्टेशन के 1,29,800 रुपये के बकाये भुगतान को पास करने के लिए 10 प्रतिशत कमीशन मांगा गया था।

Q4. पटना स्थित डॉक्टर के आवास से क्या-क्या बरामद हुआ है?

तलाशी के दौरान 15.12 लाख रुपये नकद (जिसमें 16 लिफाफों में रखे 5.89 लाख शामिल हैं), सोने-चांदी के जेवरात, बैंक में एक करोड़ रुपये और फ्लैट के कागजात मिले हैं।

Q5. इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है?

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमे के अलावा भारी नकदी और बैंक बैलेंस मिलने के चलते आय से अधिक संपत्ति (DA Case) की अलग से जांच शुरू हो सकती है।

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