SIR Voter List Controversy: देशभर में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस की ओर से 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप पर बीजेपी ने जवाब दिया है।

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि 13.3 करोड़ का आंकड़ा अंतिम रूप से मतदाता सूची से हटाए गए नामों का नहीं है, बल्कि ऐसे मतदाताओं से जुड़ा है जिनकी स्थिति की जांच की जा रही है।
मेरा कांग्रेस से सीधा सवाल है… कि ये सारे वक्तव्य आपके नेताओं के हैं या नहीं?
विभिन्न अवसरों पर, पिछले कुछ वर्षों में, स्वयं राहुल गांधी और कमलनाथ, सचिन पायलट, अशोक गहलोत, अभिषेक सिंघवी जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा अनेक जगहों पर कहा गया है कि वोटर डुप्लीकेशन है।
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— Dr. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। Sudhanshu Trivedi October 6, 2026
13 करोड़ वोटर्स में मृत, शिफ्ट, फर्जी नाम शामिल
त्रिवेदी ने चुनाव आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस सूची में मृत मतदाता , पता बदल चुके लोग, डुप्लिकेट या कथित फर्जी प्रविष्टियां और ऐसे मतदाता शामिल हैं जिनका सत्यापन नहीं हो पाया है।
उनके मुताबिक करीब 2.8 करोड़ मतदाता मृत पाए गए, 6.3 करोड़ लोगों ने अपना निवास स्थान बदल लिया, लगभग 1 करोड़ नाम संदिग्ध या डुप्लिकेट श्रेणी में हैं, जबकि करीब 3 करोड़ लोगों का सत्यापन नहीं हो सका है।
कांग्रेस से पूछा सवाल जांच न करने से किसे फायदा
बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि यदि अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट मतदाताओं की जांच न की जाए, तो इससे किसे फायदा होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष SIR प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
विपक्ष का आरोप वोटरों के नाम सूची से बाहर कर रहे
यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस समेत विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए जा रहे हैं, जबकि बीजेपी का कहना है कि यह अंतिम विलोपन नहीं बल्कि सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा है।



