उत्तराखंड के रामनगर में खेतों की सुरक्षा के लिए लगाई गई तारबाड़ एक गुलदार की मौत की वजह बन गई. तराई पश्चिमी वन प्रभाग की आमपोखरा रेंज के खड़ंजा गेट क्षेत्र में क्लच वायर के फंदे में फंसकर तीन साल के नर गुलदार की मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मामले में खेत मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

यह घटना रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के आमपोखरा रेंज के खड़ंजा गेट क्षेत्र की है. जानकारी के मुताबिक, खेतों की सुरक्षा के लिए उनके किनारों पर क्लच वायर की तारबाड़ लगाई गई थी. इसी तारबाड़ में गुलदार फंस गया. वह खुद को बाहर नहीं निकाल सका और उसकी मौत हो गई. घटना का पता चलने पर आसपास के लोगों में हलचल मच गई. मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई. विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर गुलदार के शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी.
तीन साल का था नर गुलदार
तराई पश्चिमी वन प्रभाग की एसडीओ किरन शाह ने बताया कि शुरुआती जांच में मृत गुलदार की उम्र करीब तीन से चार साल के बीच पाई गई है. वह नर था. वन विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि तारबाड़ किन परिस्थितियों में लगाई गई थी और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है. खेतों में वन्यजीवों की आवाजाही के बीच इस तरह की तारबाड़ उनके लिए खतरनाक साबित हो सकती है.
खेत मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ
मामले की जांच के तहत वन विभाग ने खेत मालिक को हिरासत में लिया है. उससे खेत में लगाई गई तारबाड़ और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं के बारे में पूछताछ की जा रही है. हालांकि, जांच पूरी होने से पहले जिम्मेदारी तय नहीं की गई है. विभाग यह भी जांच करेगा कि तारबाड़ लगाने में नियमों का पालन किया गया था या नहीं. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. एसडीओ किरन शाह ने बताया कि गुलदार के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.



