
दरअसल, मोबाइल नंबरों की संख्या को लेकर सरकार अब नियमों पर सख्ती बढ़ाने जा रही है। इस 24 अगस्त से टेलीकॉम कंपनियां ऐसे लोगों को नया सिम जारी नहीं करने देंगी, जिनके नाम पर पहले से 9 सिम रजिस्टर्ड हो। दूरसंचार विभाग के मुताबिक कंपनियों को तकनीकी और प्रशासिनक स्तर पर जरुरी बदलाव करने के निर्देश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि किसी व्यक्ति के नाम पर यदि पहले से 9 मोबाइल कनेक्शन है और वह एक और सिम लेना चाहता है, तो वह अब सिस्टम से अतिरिक्त नंबर नहीं ले सकता है। इस नियम का उद्देश्य लोगों के नाम पर तय सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन जारी होने की स्थिति को रोकना है। कंपनियों को नियम के अनुसार अपने सिस्टम सुधारने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है।
एक व्यक्ति कितनी सिम रख सकता है?
अभी तक सिम रखने की अधिकतम सीमा का कोई नया नियम नहीं है। दूरसंचार विभाग ने करीब एक दशक पहले ही एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रखने की सीमा तय की थी। यह सीमा अलगअलग टेलीकॉम कंपनियों और सर्किल को मिलाकर लागू होती है।
खासतौर पर जम्मूकश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए नियम अलग से हैं। असल में इन क्षेत्रों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 6 मोबाइल कनेक्शन रखने की अनुमति है।
दरअसल, अब बदलाव सीमा में नहीं, बल्कि उसे लागू करने के तरीके हो रहे हैं। टेलीकॉम कंपनियों को नया कनेक्शन देने से पहले यह जांचना होगा कि ग्राहक के नाम पर पहले से कितने नंबर दर्ज है।
नया SIM लेते समय बताने होंगे पुराने नंबर
अब नई सिम लेने से पहले ग्राहकों को बताना होगा कि उनके अपने नाम पर पहले चल रहे मोबाइल नंबरों की जानकारी देनी पड़ेगी। वहीं, कस्मटर एप्लीकेशन फॉर्म यानी सीएएफ में वे मोबाइल नंबर बताने होंगे, जिनके नाम पर किसी दूसरी कंपनी या किसी दूसरे टेलीकॉम सर्किल में भी रजिस्टर्ड हैं।
इसका सीधा मतलब यह है कि सिर्फ उसी कंपनी के नंबरों की गिनती नहीं होगी, जहां से ग्राहक नया SIM ले रहा है। दूसरे ऑपरेटर के कनेक्शन भी कुल संख्या में शामिल किए जाएंगे।
कैसे पता चलेगा आपके पास कितने SIM हैं?
बता दें कि, इसके लिए टेलीकॉंम कंपनियां सरकार के डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकती हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे अलगअलग टेलीकॉम कंपनियों से मिलने वाली ग्राहक जानकारी को मिलाकर यह पता चलेगा कि किसी व्यक्ति के नाम पर कितने कनेक्शन हैं।
वहीं, दूरसंचार विभाग ने इस सिस्टम में फोटो आधारित पहचान की सुविधा भी जोड़ने का फैसला किया है। 23 अगस्त से इस प्लेटफॉर्म पर उन सभी ग्राहकों की तस्वीर और जानकारी देखने को मिलेगी।
गलती से ज्यादा SIM जारी हो गया तो क्या होगा?
सरकार इन मामलों के लिए एक अंतरिम व्यवस्था बताई है, जहां तकनीकी बदलाव पूरे होने से पहले गलती से सीमा से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन एक्टिव हो जाए।
दूरसंचार विभाग के निर्देश के अनुसार, तय सीमा से अधिक जारी हुए मोबाइल कनेक्शन को तुरंत एक दिन के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। वैसे यह कार्रवाई कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म में दर्ज नियम और शर्तों के आधार पर की जाएगी।



