
पेशाब में जलन (Dysuria) या बार-बार संक्रमण होना महिलाओं में देखी जाने वाली एक बेहद आम, लेकिन तकलीफदेह समस्या है। अक्सर महिलाएं इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देती हैं या बिना डॉक्टरी सलाह के घरेलू उपाय अपनाने लगती हैं, जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है। सीनियर यूरोलॉजिस्ट्स के अनुसार महिलाओं को होने वाली इन दिक्कतों के लिए डिहाइड्रेशन और यूटीआई (UTI) से लेकर हाइजीन की अनदेखी तक कई गंभीर कारण हो सकते हैं।
VNA Hospital मालवीय नगर, नई दिल्ली में यूरोलॉजी एंड एंड्रोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. विनीत मल्होत्रा ने जनसत्ता को बताया बार-बार पेशाब आने या पेशाब में जलन महसूस
होने पर अक्सर महिलाएं इसे यूटीआई (UTI) मानकर अनदेखा कर देती हैं या खुद से दवाएं लेना शुरु कर देती हैं जिससे ब्लैडर से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती है। डॉक्टर विनीत ने बताया महिलाओं में पेशाब में जलन होने के लिए सिर्फ यूटीआई ही जिम्मेदार नहीं है बल्कि और भी कई कारण हो सकते हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि महिलाओं के पेशाब में जलन के लिए कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं और कौन कौन से उपायों को अपनाकर इस परेशानी से निजात पाई जा सकती है। Also Readबार-बार पेशाब आना केवल UTI नहीं, हो सकते हैं ब्लैडर में सूजन के संकेत; यूकोलॉजिस्ट से जानिए क्या है Cystitis? कारण, लक्षण और बचाव
महिलाओं के पेशाब में जलन के कारण
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)
महिलाओं को पेशाब में जलन के लिए यूटीआई सबसे सामान्य कारणों में से एक। इसके साथ महिलाओं को बार-बार पेशाब आना, पेशाब की तेज इच्छा, बदबू या पेट के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है। Also Read50 पार महिलाओं में बढ़ सकती कमजोरी और दिमागी तनाव, न्यूट्रिशनिस्ट से जानिए 5 जरूरी सप्लीमेंट्स जो कर सकते हैं आपकी मदद
पानी की कमी
महिलाओं में पेशाब में जलन के लिए कम पानी पीना भी जिम्मेदार हो सकता है। कम पानी पीने से पेशाब अधिक गाढ़ा हो सकता है, जिससे जलन महसूस हो सकती है।
वजाइनल इंफेक्शन होना
फंगल इंफेक्शन या बैक्टीरियल वेजिनोसिस में जलन के साथ खुजली, असामान्य डिस्चार्ज या बदबू हो सकती है।
सेक्सुअल एक्टिविटी भी बढ़ा सकती है जलन
महिलाओं में सेक्स के बाद मूत्रमार्ग में जलन या UTI का जोखिम बढ़ सकता है जिसकी वजह से पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आने की दिक्कत हो सकती है।
सफाई करने वाले प्रोडक्ट से जलन होना
अक्सर महिलाएं वजाइनल क्लीनिंग के लिए परफ्यूम वाले साबुन, इंटिमेट वॉश, स्प्रे या दूसरे केमिकल उत्पाद का इस्तेमाल करती है जो संवेदनशील स्किन में जलन पैदा कर सकते हैं जिससे पेशाब से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
किडनी या ब्लैडर की पथरी होना
कभी-कभी पथरी के कारण पेशाब में जलन के साथ तेज दर्द या पेशाब में खून भी आ सकता है।
सेक्सुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्शन होना
यौन संचारित संक्रमण (STI) होने पर पेशाब के दौरान जलन, असामान्य डिस्चार्ज या जननांगों में दर्द हो सकता है।
मेनोपॉज के दौरान बदलाव
एस्ट्रोजन कम होने से वजाइना और मूत्रमार्ग के आसपास के ऊतक अधिक संवेदनशील और शुष्क हो सकते हैं, जिससे जलन या बार-बार पेशाब की समस्या हो सकती है।
कुछ दवाएं या खाद्य पदार्थ भी बन सकते हैं जलन का कारण
कुछ दवाओं तथा बहुत तीखे या अम्लीय खाद्य पदार्थों से भी कुछ लोगों में मूत्राशय में जलन बढ़ सकती है। अगर जलन के साथ बुखार, कमर दर्द, पीठ में दर्द, पेशाब में खून, उल्टी, या बहुत ज्यादा दर्द हो, तो डॉक्टर से जल्द संपर्क करना चाहिए। बार-बार होने वाली जलन को भी केवल पानी की कमी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पेशाब में जलन होने पर महिलाएं कौन कौन से घरेलू उपाय अपना सकती है
भरपूर पानी पिएं
दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पिएं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अधिक पानी पीने से पेशाब पतला होता है और मूत्र मार्ग से बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं। क्रैनबेरी जूस पीने से बैक्टीरिया खासतौर पर ई. कोलाई को मूत्राशय की दीवार से चिपकने से रोकने में मदद मिलती है।
हीटिंग पैड से सिकाई करें
पेट या निचले हिस्से पर हल्का गर्म हीटिंग पैड रखने से ब्लैडर के दबाव और बेचैनी से राहत मिलती है। हीटिंग पैड से सिकाई करने पर आपको तत्काल राहत मिल सकती है। ब्लैडर या पेट के निचले हिस्से पर हीटिंग पैड लगाने से कुछ लोगों को दर्द या असहजता में राहत मिल सकती है, लेकिन यह सिस्टाइटिस का इलाज नहीं है और न ही इससे इंफेक्शन खत्म होता है। अगर लक्षण लगातार बने रहें, तो कारण की जांच और उचित इलाज जरूरी है।
प्रोबायोटिक्स फूड्स का करें सेवन
अगर आपको पेशाब में जलन रहती है तो आप डाइट में प्रोबायोटिक फूड्स का सेवन करें। दही या अन्य प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थों का सेवन मूत्र मार्ग और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखते हैं। प्रोबायोटिक्स में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया शरीर के माइक्रोबायोम को सपोर्ट कर सकते हैं। दही जैसे प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ सामान्य डाइट का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन सिस्टाइटिस का इलाज केवल दही या प्रोबायोटिक्स से नहीं किया जा सकता। अगर बैक्टीरियल इंफेक्शन है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार जरूरी होता है।
पेशाब में जलन हो तो किन चीजों से बचें?
डॉक्टर के अनुसार कुछ खाद्य और पेय पदार्थ कुछ लोगों में ब्लैडर की जलन या पेशाब संबंधी लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। इनमें बहुत ज्यादा मिर्च-मसालेदार और तला-भुना भोजन, अधिक चाय-कॉफी, कोल्ड ड्रिंक और अल्कोहल शामिल हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर इन चीजों का सेवन कम करने से कुछ लोगों को राहत मिल सकती है। डायबिटीज वाले लोगों को ब्लड शुगर नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
बचाव के लिए जरूरी बातें
- हाइजीन का ध्यान रखें। टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल करते समय हमेशा आगे से पीछे की ओर साफ करें, ताकि गुदा क्षेत्र के बैक्टीरिया मूत्रमार्ग तक न पहुंचें और संक्रमण का खतरा कम हो।
- पेशाब को लम्बे समय तक न रोकें। जरूरत महसूस होने पर पेशाब तुरंत करें।
- सूती अंडरगारमेंट पहनें। टाइट कपड़ों के बजाय ढीले और कॉटन के अंडरगारमेंट्स पहनें आपको आराम मिलेगा।
- घरेलू उपाय केवल लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं, लेकिन एक्टिव बैक्टीरियल इन्फेक्शन के लिए डॉक्टर की सलाह पर एंटीबायोटिक लेना आवश्यक होता है। यदि तेज बुखार, कमर में दर्द या पेशाब में खून आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
पेशाब में जलन या बार-बार पेशाब आने के साथ बुखार, ठंड लगना, कमर दर्द, पीठ में दर्द, उल्टी, पेशाब में खून, बहुत ज्यादा कमजोरी या तेजी से बिगड़ते लक्षण हों तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर गर्भवती महिलाओं, डायबिटीज वाले लोगों और बार-बार UTI, सिस्टाइटिस की समस्या वाले लोगों को डॉक्टर के पास जाने में देरी नहीं करनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: पेशाब में जलन के कई कारण हो सकते हैं। यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है और इसे डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें। लक्षण बने रहने या बढ़ने पर चिकित्सकीय सलाह जरूर लें।



