Dangerous Shortcut Bus: उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले कुछ यात्रियों का सफर उस समय एक बुरे सपने में बदल गया, जब मथुरा से बरेली लौट रही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एक बस अचानक मुख्य हाईवे को छोड़कर गांव, खेतों और फिर घने सुनसान जंगल के कच्चे रास्तों पर दौड़ने लगी. आधी रात के सन्नाटे में बस को अनजान और डरावने रास्तों पर जाता देख बस में सवार यात्रियों की सांसें अटक गईं. यात्रियों का कहना है कि पूरे रास्ते उन्हें अपहरण, लूटपाट या किसी बड़े हादसे का खौफ सताता रहा और वे डर के मारे भगवान का नाम जपते रहे.

यह हैरान कर देने वाला मामला रुहेलखंड डिपो की बस का है. जानकारी के मुताबिक, बस करीब 25 यात्रियों को लेकर मथुरा से बरेली के लिए रवाना हुई थी. देर रात जब बस सोरों और कासगंज के बीच पहुंची, तो चालक ने अचानक मुख्य हाईवे छोड़ दिया. आरोप है कि ड्राइवर ने जल्दी पहुंचने और शॉर्टकट लेने के चक्कर में बस को गांवों के संकरे और अंदरूनी रास्तों पर मोड़ दिया, जिसके कुछ ही देर बाद बस खेतों के बीच से होते हुए एक सुनसान जंगल वाले रास्ते पर जा पहुंची.

35 फीट गहरे गड्ढे के पास पहुंची बस, पलटने से बालबाल बची

यात्रियों के अनुसार, रात के अंधेरे में आसपास कोई दूसरा वाहन या इंसान नहीं दिख रहा था. जब यात्रियों ने ड्राइवर से रास्ते को लेकर सवाल किया, तो उसने भरोसा दिलाया कि आगे जाकर रास्ता मुख्य हाईवे से मिल जाएगा. लेकिन सफर तब बेहद खौफनाक हो गया जब बस एक निर्माणाधीन पुल के पास जा पहुंची, जहां गहरे गड्ढे खुदे हुए थे.

यात्रियों की जुबानी: बस अचानक एक बड़े पिलर के लिए खोदे गए 30 से 35 फीट गहरे गड्ढे के बिल्कुल मुहाने पर पहुंच गई. बस पलटने ही वाली थी कि ड्राइवर ने जैसेजैसे ब्रेक लगाया. घबराए यात्री चीखतेचिल्लाते हुए बस से नीचे उतर आए. आगे का खौफनाक मंज़र देखकर सबके होश उड़ गए.

ड्राइवर पर नशे और फोन पर बात करने का आरोप

यात्रियों ने आरोप लगाया कि जान जोखिम में डालने वाला ड्राइवर पूरे सफर के दौरान फोन पर बात करने में व्यस्त था और उसकी मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं लग रही थी . जब यात्रियों ने इस खतरनाक रास्ते और लापरवाही का विरोध किया, तो ड्राइवर और कंडक्टर दोनों ने यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार किया. डर के मारे यात्री चुपचाप बैठ गए और पूरे रास्ते ‘रामराम’ जपते हुए किसी तरह सुरक्षित बरेली पहुंचे. यात्रियों ने यह भी शिकायत की कि आपातकालीन स्थिति के लिए बस में कोई हेल्पलाइन नंबर तक दर्ज नहीं था.

ऑनलाइन शिकायत दर्ज, एआरएम बोले 3 दिन में होगी कार्रवाई

बरेली पहुंचने के बाद राहत की सांस लेते ही यात्रियों ने इस पूरे मामले की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई. रोडवेज के एआरएम अरुण बाजपेई ने यात्रियों की शिकायत मिलने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंभीर है; जब निर्धारित रूट पर बेहतरीन हाईवे उपलब्ध है, तो रात के समय बस को ग्रामीण और जंगली रास्तों पर क्यों ले जाया गया, इसकी गहन जांच की जाएगी. एआरएम ने आश्वासन दिया है कि चालक और परिचालक के बयान दर्ज कर 3 दिन के भीतर मामले का निस्तारण किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई होगी.