रोज वाटरप्रूफ मस्कारा लगाना या आईलैश एक्सटेंशन का ट्रेंड फॉलो करना आजकल नॉर्मल है? पर क्या आप जानती हैं कि इनसे आंखों को कौन से गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं. बहुत कम लोग जानते हैं कि पलकें सिर्फ लुक के लिए नहीं बल्कि ये आंखों को धूल और इंफेक्शन से बचाती हैं. कई रिसर्च और रिपोर्ट में सामने आया है कि हैवी आई कॉस्मेटिक्स से इनका नेचुरल डिफेंस सिस्टम कमजोर हो सकता है. आंखों पर मस्कारा और आईलैश एक्सटेंशन को लगाने से खूबसूरती बढ़ जाती है पर रोज का इस्तेमाल आगे चलकर भारी पड़ सकता है.

मस्कारा को लगाना से आंखें और अट्रैक्टिव नजर आ सकती हैं लेकिन इसमें मौजूद केमिकल से कुछ हद तक नुकसान भी होता है. चलिए आपको इस आर्टिकल में बताते हैं कि इसके नुकसान क्या हैं और बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
वाटरप्रूफ मस्कारा से तीन बड़े नुकसान
आंखों पर लगाए जाने वाले ये आइटम उम में भी टिका रहता है. इसलिए ये कनविनिएंट लगता है लेकिन इसके तीन बड़े खतरे हैं.
लैश का टूटना मस्कारा का फॉर्मूलेशन ज्यादा मजबूत होता है इसलिए इसे जब हटाया जाता है तो रब करना पड़ता है ऐसे में धीरेधीरे आईलैश टूटने लगते हैं.
ऑयल ग्लैंड्स क्लॉग ये थिक टेक्सचर आईलीड्स के ऑयल ग्लैंड को ब्लॉक कर सकता है. इस कारण रेडनेस, खुजली और ड्राई आइस की शिकायत बढ़ती है.
इंफेक्शन का खतरा कभीकभी गलती से महिलाएं एक्सपायर हुए मस्कारा का यूज कर लेती है. इस गलती है से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं जो सीरियस आई इंफेक्शन का कारण बनते हैं. अगर मस्कारा 36 महीने पुराना है, स्मेल अलग है, या टेक्सचर बदला हुआ है तो उसे यूज मत कीजिए.
आईलैश एक्सटेंशन लंबी पलकें, पर कीमत?
आईलैश एक्सटेंशन ट्रेंज में हैं, लेकिन इनके ग्लू में फॉर्मलडिहाइड, लेटेक्स, बेंजोइक एसिड जैसे केमिकल्स हो सकते हैं जो सेंसिटिव आई एरिया के लिए खतरा हैं. इस वजह से कुछ आम समस्याएं होने लगती हैं.
एलर्जी होना आईलीड्स पर रेडनेस, सूजन, इचिंग.
स्किन जलन और खुजली ग्लू सही तरीके से हटाया न जाए तो जलन और इंफेक्शन हो सकता हैं.
टॉक्सिक कंजक्टिवाइटिस और कॉर्निया पर खरोंच ऐसे प्रोडक्ट्स में प्रिजर्वेटिव होते हैं जिनसे आंख की आउटर लेयर डैमेज हो सकती हैं. ऐसे में दर्द, रेडनेस और आंखों से पानी आने की प्रॉब्लम बढ़ जाती है. इसके अलावा आईलीड्स की सूजन अगर बारबार हो जो क्रोनिक बन सकती है.
मेइबोमियन ग्लैंड्स की खराबी मेकअप अगर ग्लैंड्स में जमता है तो ड्राई आई डिजीज का खतरा बढ़ जाता है.
यंग गर्ल्स के लिए खास वार्निंग
कॉलेज जाने वाली लड़कियां, पहली जॉब करने वाली या कंटेंट क्रिएटर्स को ये समझना चाहिए कि आंखें की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. पहले ही स्क्रीन टाइम ज्यादा है, नींद कम है और ऊपर से हैवी आई मेकअप का कॉम्बो हमारी आंखों पर प्रेशर डालता है.
इन बातों का ध्यान रखें
- वाटरप्रूफ मस्कारा के डेली यूज को नजरअंदाज करें. अगर आपकी आंखें सेंसिटिव हैं तो भूल से भी ये गलती न करें.
- एक्सटेंशन्स को लगाने से पहले पैट टेस्ट जरूर करवाएं.
- अगर रेडनेस, जलन या आंखों से पानी आ रहा हो तो इन प्रोडक्ट्स का यूज तुरंत बंद करें और स्पेशलिस्ट से मिलें.
- मस्कारा और लैश ग्लू को रब करने के बजाय आराम से हटाएं.
- एक्सटेंशन्स के लिए हमेशा एक्सपेरिएंस्ड प्रोफेशनल के पास जाएं.
- हाईपोएनर्जिक, ईजीटूरिमूव प्रोडक्ट्स को ही प्रेफर करें.
- घर में एक्सपायर मेकअप है तो उसे फेंक दें.
- साइड इफेक्ट्स हो तो डर्मेटोलॉजिस्ट से कंसल्ट करें. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। साथ ही ऐसे प्रोडक्ट्स का तुरंत यूज बंद कर दें.



