Nagpur Interstate Bus Thief: नागपुर के इमामवाड़ा डिपो में चार्जिंग पर लगी एक सरकारी एसटी बस को चोरी करने के मामले में राजापेठ पुलिस ने गुरुवार को आंतरराज्यीय चोर को हिरासत में लिया था। आरोपी ने अब तक 22 बस चोरी करने की बात स्वीकार की थी।

नागपुर से चुराई थी सरकारी बस! 22 बसें उड़ाने वाला अंतरराज्यीय चोर तेलंगाना से गिरफ्तार​
नागपुर से चुराई थी सरकारी बस! 22 बसें उड़ाने वाला अंतरराज्यीय चोर तेलंगाना से गिरफ्तार​

इसी दिन शाम को गणेशपेठ पुलिस ने राजापेठ थाना पहुंचकर शातिर चोर विष्णु गणपति निलावर को अपने कब्जे में लेकर नागपुर ले गई। पुलिस पूछताछ में आरोपी विष्णु से और भी कई राज खुलने की संभावना पुलिस ने जताई है।

तेलंगाना से नागपुर ट्रेन से पहुंचा

पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी विष्णु बुधवार की रात तेलंगाना से नागपुर ट्रेन से पहुंचा और सीधे इमामवाड़ा डिपो में जा घुसा। वहां उसने डिपो के एक सफाईकर्मी को अपनी बातों के जाल में फंसाया और चार्जिंग बस चोरी कर अमरावती की ओर निकल गया। वह इतना बेखौफ था कि उसने रास्ते में आम यात्रियों को भी बस में बिठाया और अमरावती की तरफ बढ़ने लगा।

पूछताछ में होंगे बड़े खुलासे

चौरी की शिकायत में दर्ज होने से गणेशपेठ पुलिस गुरुवार की शाम अमरावती आकर राजापेठ थाना पहुंची। जहां पूरी कागजी प्रक्रिया करने के बाद आरोपी विष्णु को अपने साथ ले गई है। पुलिस पूछताछ में और भी कई राज खुलने की आशंका पुलिस ने जताई है।

पार्ट्स निकालकर लावारिस छोड़ देता था वाहन

इस बीच राजापेठ पुलिस ने विष्णु निलावर को हिरासत में लिया था। पूछताछ में उसने तेलंगाना, हैदराबाद और आंध्र प्रदेश सहित नांदेड के विभिन्न इलाकों से 22 बसें चुराने की बात स्वीकार की।

वह बस चोरी करने के बाद दो से तीन दिन तक उसे सड़कों पर दौड़ाता था। इसके बाद वह बस की कीमती बैटरी, डिक्स और टायर निकालकर बाजार में बेच देता था और बस को लावारिस छोड़ देता था।

नाकाबंदी देख मार्केट में खड़ी कर दी बस

इमामवाड़ा डिपो से बस चोरी होने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। राजापेठ थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप चव्हाण ने तुरंत एक्शन लेते हुए अमरावती के मध्यवर्ती और राजापेठ डिपो पर पुलिस के जवान तैनात किए थे।

लेकिन चोर भी कम शातिर नहीं था। पुलिस की नाकाबंदी भांपकर उसने बस को राजापेठ परिसर के नंदा मार्केट के पास खड़ा कर दिया। वहां सभी यात्रियों को उतारने के बाद, यह नई सवारियां ढूंढने के लिए पैदल ही गद्रे चौक की तरफ आ गया।