अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में दर्शन व्यवस्था को और भी पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के मकसद से एक अहम बदलाव किया है. जिसके तहत दर्शन पास जारी करने की सुविधा अब ट्रस्ट के तीन अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट की आईडी के माध्यम से भी उपलब्ध होगी. अब वीआईपी और विशेष श्रेणी के दर्शन पास ट्रस्ट के तीन अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट की आईडी से ही जारी किए जाएंगे.

ट्रस्ट का मानना है कि इस नई व्यवस्था से पास जारी करने की प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता या दुरुपयोग की संभावना को काफी हद तक रोका जा सकेगा. इस कदम से पास जारी करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और अनधिकृत हस्तक्षेप पर रोक लगेगी.
दर्शन पास प्रणाली में सुधार
पूर्व ट्रस्टियों के इस्तीफे के बाद पास जारी होने में बाधा न आए इसलिए यह फैसला लिया गया है. ट्रस्ट के मुताबिक दर्शन पास प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार लगातार किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और पारदर्शी तरीके से दर्शन की सुविधा मिल सके. नई व्यवस्था इसी प्रक्रिया का हिस्सा है.
चंपत राय और गोपाल राव की आईडी निष्क्रिय
ट्रस्ट ने यह नई व्यवस्था पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव की आईडी निष्क्रिय होने के बाद लागू की है. दोनों ट्रस्टियों के इस्तीफे के बाद श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी फिलहाल अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की निगरानी में संचालित की जा रही है.
यह निर्णय पूर्व महासचिव चंपतराय व पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र एवं गोपाल राव की आईडी बंद होने के कारण लिया गया है. पहले चंपत राय और अनिल मिश्रा की आईडी से बड़ी संख्या में दर्शन पास बनते थे. दोनों ट्रस्टियों के इस्तीफे के बाद श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी फिलहाल अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की निगरानी में संचालित की जा रही है. अब अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन की आईडी भी सक्रिय हो गई है. जिसके जरिए अब नियमित रूप से दर्शन पास जारी किए जा रहे हैं.
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के लिए भी कोटा तय
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के लिए भी दर्शन पास का अलग कोटा तय किया गया है. रोजाना करीब 1,800 दर्शन पास जारी किए जाते हैं, जिन्हें 6 अलगअलग समय स्लॉट में बांटा गया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हर स्लॉट का समय दो घंटे का होता है और उसमें करीब 300 श्रद्धालुओं को पास उपलब्ध कराए जाते हैं. इन्हीं स्लॉट्स के तहत विशिष्ट और सुगम दर्शन पास भी जारी किए जाते हैं.
CA की आईडी के जरिए दर्शन पास जारी
नई व्यवस्था के तहत ट्रस्ट द्वारा अधिकृत तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट की लॉगिन आईडी के जरिए से ही विशेष श्रेणी के दर्शन पास जारी किए जा सकेंगे. इससे पास जारी करने की प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और प्रत्येक पास का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा. सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट ने जिन तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को यह जिम्मेदारी सौंपी है, उनकी डिजिटल आईडी के जरिए ही विशेष दर्शन पास जारी किए जाएंगे. किसी अन्य व्यक्ति या कर्मचारी को इस प्रणाली का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी.



