Himachal Se: Best Vastu Tips For New House: खुद का घर या फ्लैट खरीदना हर इंसान का सबसे बड़ा सपना होता है। वास्तु एवं ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि, नया घर या फ्लैट खरीदते समय वास्तु का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। गलत दिशा वाले घर में रहने से जीवनभर आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसलिए प्रॉपर्टी फाइनल करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण वास्तु नियमों को जरूर जांच लें।

Vastu Tips For New House: घर खरीदने से पहले वास्तु का यह गुप्त ज्ञान जान लीजिए, वरना जीवनभर रोना पड़ेगा​
Vastu Tips For New House: घर खरीदने से पहले वास्तु का यह गुप्त ज्ञान जान लीजिए, वरना जीवनभर रोना पड़ेगा​

नया घर या फ्लैट खरीदने से पहले जान लें वास्तु नियम

  • मुख्य दरवाजा और उसकी सही दिशा

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, या फ्लैट खरीदने से पहले घर या फ्लैट का मुख्य दिशा जरुर देख लें। वास्तु शास्त्र में घर या फ्लैट के लिए उत्तर, पूर्व या उत्तरपूर्व दिशा में होना सबसे शुभ माना जाता है।

  • बड़ा पेड़, बिजली का खंभा न हो

मुख्य दरवाजे के ठीक सामने कोई बड़ा पेड़, बिजली का खंभा या सीढ़ियां नहीं होनी चाहिए, इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुकता है।

  • दक्षिणपश्चिम दिशा मकान को खरीदने से बचें

दक्षिण या दक्षिणपश्चिम दिशा में मुख्य प्रवेश द्वार वाले मकान को खरीदने से बचें, यह घर में नकारात्मक ऊर्जा लाता है।

मास्टर बेडरूम और लिविंग रूम

  • दक्षिणपश्चिम दिशा

घर के मुखिया का बेडरूम हमेशा दक्षिणपश्चिम दिशा में होना चाहिए, यह परिवार में स्थिरता और आपसी प्रेम बढ़ाता है।

  • दक्षिण या पूर्व दिशा

बेडरूम में बेड इस तरह लगा हो कि सोते समय सिर हमेशा दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रहे। घर का मुख्य हॉल या लिविंग रूम उत्तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए, जहां धूप और ताजी हवा आसानी से आ सके।

  • फ्लैट का आकार

प्लॉट या फ्लैट का आकार हमेशा वर्गाकार या आयताकार होना चाहिए, कटे हुए कोनों वाले फ्लैट वास्तु दोष पैदा करते हैं।

वास्तु के अनुसार, इन नियमों का पालन करने से मान्यता है कि जीवनभर आपके घर में सुखसमृद्धी का वास रहेगा।

रसोईघर और बाथरूम की सही दिशा

  • दक्षिण दिशा

घर में रसोईघर यानी किचन हमेशा में होना चाहिए, जिससे घर के सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

  • किचन और टॉयलेट सामने न हों

फ्लैट खरीदते समय ध्यान दें कि किचन और टॉयलेट के दरवाजे आमनेसामने या बिल्कुल एकदूसरे से सटे हुए न हों।

  • उत्तरपूर्व दिशा कभी भी टॉयलेट न हों

उत्तरपूर्व दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है, इस कोने में कभी भी टॉयलेट या गंदगी नहीं होनी चाहिए।